DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  फतेहपुर  ›  शपथ लेते ही प्रधान के खिलाफ मोर्चा,चुनाव की मांग
फतेहपुर

शपथ लेते ही प्रधान के खिलाफ मोर्चा,चुनाव की मांग

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 05:51 AM
शपथ लेते ही प्रधान के खिलाफ मोर्चा,चुनाव की मांग

फतेहपुर। संवाददाता

ग्राम पंचायत की कमान संभालते ही बैरी गांव के सदस्यों ने प्रधान के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए पद से हटाने की मांग शुरू कर दी है। बुधवार को डीपीआरओ से मिले सदस्यों ने समिति में शामिल नहीं होने और दोबारा चुनाव कराने की मांग की। हालांकि निर्वाचित प्रधान को अपदस्थ करना मुश्किलों भरा है। अफसर ने सदस्यों को पंचायती राज एक्ट का हवाला देते हुए समझा बुझा रवाना कर दिया।

मामला धाता ब्लाक के बैरी ग्राम पंचायत का है। जहां ग्राम पंचायत के 13 ग्रापं सदस्यों में 11 सदस्य प्रधान के खिलाफ है। उनका आरोप है कि निर्वाचित प्रधान फूल सिंह है लेकिन पंचायत का संचालन उनके भाई पूर्व प्रधान करते है। सदस्यों ने बताया कि प्रधान के भाई के कामकाज का रवैया भ्रष्टाचार के ईदगिर्द हैं, वह सदस्यों की भी अनदेखी करते हैं। पिछली पंचवर्षीय में एससी प्रधान होने के बावजूद पूर्व प्रधान पर मनमाने ढंग से कामकाज कराते थे। सदस्यों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कार्ययोजना तैयार करने से आहत सदस्यों ने सामूहिक रूप से इस्तीफा दिया था। पूर्व प्रधान के भाई के चुने जाने से पूर्व की तरह ही प्रधानी संचालित होने की आशंका के चलते सदस्यों ने मोर्चा खोल दिया। पूर्व प्रधान द्वारा कराए गए कार्यों की जांच एवं प्रधान को बर्खास्त कर फिर से चुनाव कराने की मांग की है।

यह है प्रधान को अपदस्थ करने की प्रक्रिया

गांव की जनता द्वारा सीधे चुनकर आए प्रधान को पद के हटा पाना आसान नहीं है। अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए ग्राम सभा के सूची में दर्ज आधे से अधिक मतदाताओं का हस्ताक्षर युक्त प्रार्थना पत्र जिला प्रशासन को देना होगा। जिला प्रशासन द्वारा गांव जाकर अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर आदि की जांच की जाएगी। जांचोपरांत प्रार्थना पत्र सही पाए जाने पर जिला प्रशासन द्वारा अविश्वास प्रस्ताव पर नोटीफिकेशन जारी कर मत विभाजन के लिए एक महीने का समय दिया जाएगा। दो तिहाई बहुमत से अधिक अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में मत होने पर ही प्रधान अपदस्थ होगा। अहम बात यह है कि प्रधान के शपथ लेने के तिथि से दो साल तक किसी भी दशा में अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता है।

संबंधित खबरें