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28 सितम्बर, 2020|3:34|IST

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हर घर इज्जतघर पर नहीं छूटा हाथ से लोटा

हर घर इज्जतघर पर नहीं छूटा हाथ से लोटा

प्रशासन द्वारा भले ही जिले की तमाम ग्राम पंचायतों को खुले में शौचमुक्त करने का दावा किया जा रहा हो लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। तमाम ग्राम पंचायतों में लाभार्थियों के अधबने एवं मानक विहीन शौचालय इस बात की चीख चीख कर गवाही देते नजर आ रहे हैं। ऐसा ही कुछ हाल ग्राम पंचायतों में बन रहे सामुदायिक शौचालयों का भी है। मानक विहीन बन रहे शौचालयों को लेकर ग्रामीण आवाज उठा रहे हैं तो जिम्मेदार लोग किनारा कसते नजर आ रहे हैं। ऐसे में सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि लोगों को खुले में शौच मुक्त रख पाना कितना आसान होगा। बुधवार को कई क्षेत्रों में पड़ताल की गई तो हकीकत सामने आई।

पंचायतीराज विभाग द्वारा अभी भी तमाम ग्राम पंचायतों में काफी संख्या में लोगों को शौचालय का लाभ नहीं मिल पाया है। इनमें अधिकांश वह लोग हैं जिनके पास शौचालय निर्माण के लिए जगह नहीं है या जिम्मेदारों की लापरवाही से अभी भी शौचालय पूर्ण नहीं हो सके। घर-घर बनने वाले शौचालय निर्माण पूरा नहीं हो पाया कि अब गांव में होने वाले शादी व्याह आदि सामुदायिक कार्यक्रमों में आने वाले लोगों की सहुलियत के लिए हर ग्रामसभा की भूमि पर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराने की व्यवस्था हो चुकी है। जिसकी जिम्मेदारी पंचायतीराज विभाग को सौंपी गई है। राजस्व विभाग के समन्वय से ग्रामसभा की भूमि आवंटित कराकर सामुदायिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है। विभागीय कर्मचारियों की माने तो 210000 रुपए की लागत से सभी ग्राम पंचायतों को 31 अगस्त तक शौचालय निर्माण कार्य पूर्ण कराने की अन्तिम तिथि थी। लेकिन पूर्ण न होने पर समयावधि बढ़ा दी गई है। यदि अमौली क्षेत्र को लें तो 66 ग्राम पंचायतों में दो लेडीज ट्वायलेट,दो जेंट्स ट्वायलेट, दो शौचालय के साथ एक स्नानागार बनाया जाएगा। निर्माणाधीन शौचालयों की स्थिति पर स्थानीय लोगों द्वारा मानक विहीन होने का सवाल खड़ा किया जाने लगा है।

घर-घर बने शौचालय बेमकसद

अमौली। कहने को तो क्षेत्र की हर ग्राम पंचायत में सामुदायिक शौचालय का निर्माण कार्य प्रारम्भ है। लेकिन लोगों का लोटा अभी तक नहीं छूट रहा है और लोग धड़ल्ले से मैदान की ओर भाग रहे हैं। गांवों में 12 हजार की लागत से बनने वाले शौचालय भी बेमकसद सिद्ध हो रहे हैं। किसी में लकड़ी तो किसी में अन्य सामान भर कर इजज्ज घरों की इज्जत का पलीता लगाया जा रहा है। महिलाओं सहित लोग खुले में शौच के लिए आज भी जाते नजर आ रहे हैं।

मानक विहीन होने पर डीएम ने लगाई रोक

चौडगरा। क्षेत्र के गुनीर का मजरा मुरादीपुर में बन रहे बबलू पुत्र महादेव, रामबाबू पुत्र श्यामलाल तथा सिया दुलारी के शौंचालय मानक विहीन होने पर बीते दिनों गांव में पहुंचे डीएम ने निर्माण पर रोक लगा दी। जिम्मेदारों को उन्होंने निर्देश दिया है कि कोई भी कार्य में मानक के साथ खिलवाड़ न किया जाए। मानक के साथ निर्माण कराते हुए उन्होंने जिम्मेदारों से रिपोर्ट तलब किया है।

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  • Web Title:Every house did not touch the house with respect