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24 अक्तूबर, 2020|5:29|IST

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नारी को न समझो बेचारी, इसमें हैं शक्ति सारी

नारी को न समझो बेचारी, इसमें हैं शक्ति सारी

नारी सशक्तीकरण को लेकर पूरे नवरात्र भर शासन की ओर से चलाए जा रहे मिशन शक्ति कार्यक्रम के तहत सातवें दिन शुक्रवार को भी विद्यालयों समेत विभिन्न स्थानों में जागरूकता भरे कार्यक्रम आयोजित किए गए। वहीं मीना मंच की बच्चियां देवी स्वरूप में अवतरित होकर महिलाओं एवं बालिकाओं को हेल्प लाइन नम्बर समेत अन्य जानकारी उपलब्ध करा रही हैं। वहीं विद्यालयों में बालिकाओं को आत्म सुरक्षा के लिए उन्हें बचाव के गुर भी सिखाए जा रहे हैं।

सीबीएसई बोर्ड के महर्षि विद्या मंदिर में मिशन शक्ति के तहत नारी सुरक्षा सम्मान व आत्मनिर्भर बनाने के लिए भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसका उद्देश्य समाज में फैले असुरक्षा की भावनाओं के कारण महिलाओं बालिकाओं और बच्चों में डर को समाप्त करना और उन्हें उन्नत समाज की धारा में लाना रहा। शिक्षिका अनीता त्रिपाठी ने कहा कि मिशन शक्ति की शुरूआत अपने परिवार व घर से कर सकते हैं। घर की बेटियों, महिलाओं के प्रति सम्मान और आदर का भाव प्रदर्षित कर सकते हैं। प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार त्रिपाठी ने कहा कि शक्ति की आराधना के अवसर पर इस कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं व बालिकाओं और बच्चों के प्रति सम्मान तथा सुरक्षा की भावना जागृत करने व उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है।

डॉ. भीमराव आम्बेडकर राजकीय महिला स्नातकोत्तर महिला महाविद्यालय साइबर क्राइम एवं साइबर सुरक्षा के बारे में एक वेबिनार का आयोजन हुआ। जिसका प्रेजेंटेशन प्रभारी डॉ. अजय कुमार के थीम पर किया गया। प्राचार्या डॉ. अपर्णा मिश्रा ने बालिका सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने पर बल दिया। उसके बाद साइबर क्राइम एवं साइबर सुरक्षा पर बाराबंकी के पुलिस अधीक्षक डॉ. अरविन्द चतुर्वेदी का एक वीडियो दिखाया गया। इस अवसर पूरा महाविद्यालय परिवार उपस्थित रहा। संचालन डॉ. अजय कुमार ने एवं तकनीकि सहयोग डॉ. प्रशांत द्विवेदी द्वारा किया गया।

ब्लैक बेल्ट ने सिखाए आत्मरक्षा के गुर

बकेवर। प्राथमिक विद्यालय मुरारपुर शिक्षा क्षेत्र देवमई में मिशन शक्ति के सातवें दिन मीना माता कालरात्रि के स्वरूप में प्रकट हुईं और अपने पारम्परिक शस्त्र त्रिशूल, चक्र, कटार के साथ साथ इस समय के प्रचलित आधुनिक हथियार जैसे पेपर स्प्रे, मिर्च पाउडर के साथ आत्मरक्षा का संदेश विद्यालय की छात्राओं को दिया। वहीं कानपुर से आईं कराटे विशेषज्ञ तनिष्का ने ताइक्वाण्डो के कुछ स्टेप बालिकाओं के साथ साझा किए। उन्हें मजबूत और हिम्मती बनने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मुश्किलें पड़ने पर हमें डरना नहीं है बल्कि डटकर सामना करना है। इस अवसर पर विद्यालय परिवार ने उन्हें सम्मानित भी किया।

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