सड़कें बनीं गड्ढा, दशकों से नरक झेल रहे ग्रामीण
फतेहपुर में जर्जर सड़कें ग्रामीणों के लिए समस्या बन गई हैं। दशकों से खराब संपर्क मार्गों के कारण ग्रामीणों को आवागमन में कठिनाई हो रही है। विशेष रूप से बहुआ और विजयीपुर क्षेत्रों में सड़कें गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं, जिससे स्कूल के बच्चे, मरीज और किसान जोखिम में हैं।

फतेहपुर। ग्रामीण इलाकों में विकास के दावों की हवा निकालती जर्जर सड़कें आज हजारों ग्रामीणों के लिए जी का जंजाल बन चुकी हैं। दशकों से बदहाल पड़े संपर्क मार्गों के कारण दर्जनों गांवों के ग्रामीण जान जोखिम में डालकर आवागमन करने को मजबूर हैं। बहुआ क्षेत्र में जहां बांदा-कानपुर मार्ग से तीन गांवों को जोड़ने वाली सड़क पूरी तरह गड्ढों में तब्दील हो चुकी है, वहीं विजयीपुर क्षेत्र का नरैनी-बहरामपुर मार्ग जलभराव के कारण दलदल का रूप ले चुका है। जनप्रतिनिधियों और अफसरों की उपेक्षा के चलते स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को आए दिन हादसों का शिकार होना पड़ रहा है। बहुआ क्षेत्र में बांदा-कानपुर मार्ग से धर्मपुर, गोपाली खेड़ा और कोडार गांव को जोड़ने वाला संपर्क मार्ग पूरी तरह जर्जर होकर गड्ढों में तब्दील हो गया है। करीब तीन किलोमीटर लंबे इस मार्ग की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि राहगीरों और ग्रामीणों का निकलना दूभर हो रहा है। गत दिनों होने वाली बारिश के बाद सड़क में हो चुके गड्ढों में जलभराव होने से स्थिति और खराब है। जगह-जगह जलभराव होने से तालाब जैसा नजारा दिखाई दे रहा है। ग्रामीण अशोक सिंह, राकेश अग्निहोत्री, हरिप्रसाद, अशोक पाल, जगदेव, श्यामलाल आदि ने बताया कि इस मार्ग से प्रतिदिन सैकड़ों लोग आवागमन करते हैं। जिनमें स्कूली बच्चे, किसान, व्यापारी और मरीज शामिल हैं। सड़क की बदहाली के कारण आए दिन लोग हादसे का शिकार हो रहे हैं। बताया कि करीब 20 साल पूर्व इस मार्ग को बनवाया गया था। जिसके बाद एक बार करीब दस साल पहले इसकी मरम्मत भी हुई, इसके बावजूद मार्ग जर्जर होने के साथ ही गड्ढो में तब्दील हो चुका है। आरोप लगाया कि मार्ग दुरुस्त करवाए जाने के लिए जनप्रतिनिधियों के साथ ही अफसरों से मामले की शिकायत की जा चुकी है लेकिन राहत नहीं मिल पा रही。
नाली न होने से गंदा पानी भरा
विजयीपुर क्षेत्र के नरैनी कस्बा से सातों बहरामपुर जाने वाला मुख्य मार्ग गड्ढो में तब्दील होने के साथ जलभराव के कारण दलदली दिख रहा है। करीब 10 किमी का यह मुख्य मार्ग यमुना कटरी के सैकड़ों गांव के ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र साधन है। इसके बावजूद इस मार्ग की बदहाली के कारण ग्रामीणों को आवागमन में जहां परेशानियां उठानी पड़ रही हैं वही आए दिन ग्रामीण चुटहिल हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि मार्ग पर नाली न होने के कारण गंदा पानी सड़क पर भरा रहता है। वहीं जिम्मेंदार अधिकारियों का कहना है कि नरैनी से बहरामपुर तक सड़क का चौड़ीकरण और नवीनीकरण प्रस्तावित है जल्द काम शुरू होगा।
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