
मोंथा’ के असर से बदला मौसम, सावन-भादौ का एहसास
Fatehpur News - फतेहपुर में चक्रवाती तूफान 'मोंथा' के कारण मौसम बदल गया है। लगातार बारिश और तेज हवाओं से तापमान में गिरावट आई है। पकी धान की फसल को भारी नुकसान हो रहा है, जिससे किसान चिंतित हैं। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि यह बेमौसम बारिश सर्दी की शुरुआत का संकेत है।
फतेहपुर। चक्रवाती तूफान ‘मोंथा’ के असर से जिले में भी मौसम का मिजाज बदल गया है। तीसरे दिन गुरुवार को भी दिनभर हल्की बारिश और तेज हवाएं चलती रहीं। जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। सर्दी का एहसास होता रहा। वहीं पकी खड़ी धान की फसलों पर बारिश कहर बरपा रही है। जिससे किसान खासे चिंतित हो रहे हैं। चक्रवाती तूफान मोंथा के प्रभाव से जिले में तीन दिनों से रुक रुक कर बारिश हो रही है। कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश के साथ तेज हवा धान की फसल को भारी नुकसान पहुंचा रही है। वहीं सब्जी के लिए बोई गई मटर के पौधे पीले पड़ जाएंगे जिससे फसल पर प्रतिकूल असर पड़ेगा।

बारिश होने से वातावरण में सर्दी बढ़ गई है। मौसम के जानकार बताते हैं कि बेमौसम की इस बारिश के साथ ही सर्दी शुरू हो जाएगी जो दिनो दिन बढ़ती जाएगी। किसान आसमान की ओर टकटकी लगाए हुए हैं। बारिश होने पर उन्हें फसलों के नुकसान की चिंता सताए जा रही है। जिले में चार दिन पहले तक लोगों को उमस भरी गर्मी का एहसास हो रहा था। तीन दिन से अचानक मौसम का मिजाज बदल गया है। पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश का खेती किसानी में मिला जुला असर है। किसान रामकुमार यादव, राघव मौर्य, शिरोमणि सिंह यादव आदि का कहना है कि धान की पकी फसल कटकर खेतों में पड़ी है। बारिश के कारण उसकी कुटाई नहीं हो पा रही। मौसम को देखते हुए धान गिर जाएगा और फिर से अंकुरित होना शुरू हो जाएगा। वहीं असोथर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि बारिश के कारण पिछैती धान की फसल (मंसूरी) में लगने फंगस धुल गए है। ऐसे में हापर समेत रोगों के मुक्ति मिलने की संभावना है। कटरी क्षेत्र में दलहनी व दिलहनी फसलों के लिए भी बारिश फायदेमंद है। कुछ इलाकों में लाही व सरसों की बुआई प्रभावित हो रही है।

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