Fatehpur News: राहगीरों की कमर तोड़ रही दोआबा की खस्ताहाल सड़कें
Fatehpur News: फतेहपुर। दोआबा में खराब सड़कों की स्थिति राहगीरों के लिए मुसीबत बन गई है। बारिश के कारण गड्ढों में पानी भरने से सड़क दुर्घटनाएं बढ़ गई हैं। पटेल नगर से शादीपुर, जोनिहा-अमौली मार्ग और संकठन मार्ग जैसी प्रमुख सड़कें बेहद खस्ताहाल हैं। स्थानीय लोग नाराज़ हैं, प्रशासन ने सुधार की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया है।

Fatehpur News: फतेहपुर। दोआबा में जर्जर हो चुके मार्ग राहगीरों की कमर तोड़ रहे हैं, शहर से लेकर ग्रामीणांचलों के कई प्रमुख मार्ग बेहद खस्ताहाल हो चुके हैं। जहां से आवागमन करना क्षेत्रीय लोगो के लिए दुश्वारियों भरा हो रहा है। इतना ही नहीं इस समय होने वाली बारिश का पानी जर्जर मार्ग के गड्ढो में भर जाने के कारण आए दिन कोई न कोई चुटहिल हो रहा है। शुक्रवार को आपके अपने अखबार ‘हिन्दुस्तान’ ने ऐसे ही कुछ मार्गों की पड़ताल की पेश है एक रिपोर्ट....... सीन-एक
पटेल नगर-शादीपुर मार्ग खस्ताहाल
शहर के प्रमुख मार्गों में शुमार पटेल नगर से शादीपुर जाने वाला मार्ग पूरी तरह से खस्ताहाल हो चुका है। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों की संख्या में छोटे व बड़े विद्यालय वाहनों के साथ अन्य वाहनों का आवागनम होता है। जिससे हर समय हादसों की आशंकाएं बनी रहती हैं, इसके बाजवूद जिम्मेंदारों द्वारा इसको दुरुस्त न करवााए जाने से लोगो में रोष है।
दस सालों से झटके खा रहे हैं राहगीर
जोनिहा-अमौली मार्ग के मांझेपुर से खजुहा को जोड़ने वाले मार्ग से प्रतिदिन एक दर्जन गांव के ग्रामीणों संग संचालित होने वाले विद्यालयों के छात्रों का आवागनम बड़ी संख्या में होता है। लेकिन करीब दस सालों से इस खस्ताहाल मार्ग की मरम्मत न कराए जाने के कारण दिनों दिन मार्ग खस्ताहाल होता जा रहा है। यहां पानी भरा होने से आए दिन दुर्घटनाएं होती हैं।
दुश्वारियों भरा है संकठन मार्ग
ऐरायां ब्लाक के इजूरा से संकठन गंगा घाट जाने वाला मार्ग बेहद जर्जर है। 1998 में निर्मित होने वाले इस आठ किमी के मार्ग से करीब आधा दर्जन गांव के लोगो का आवागनम होता है। साथ ही श्रद्धालु भी गंगा स्नान करने के लिए इसी मार्ग से होकर जाते हैं। इस मार्ग पर कई स्थानों से सड़क गायब हो गड्ढों में तब्दील हो चुकी है जिसे दुरुस्त नहीं कराया जा रहा।
दलदली मार्ग पर फिसल रहे ग्रामीण
जोनिहा कस्बे के मुख्य मार्ग का निर्माण करीब 15 साल पूर्व हुआ था। लेकिन देखरेख के अभाव में मार्ग का नामोनिशां समाप्त होने से यह गड्ढो में तब्दील हो चुका है। जिससे यह बारिश में दलदल में तब्दील हो जाता है, नतीजतन ग्रामीणों को या तो स्वयं ही राबिश डालनी पड़ती है या फिर दलदली मार्ग से निकलने को मजबूर होना पड़ता है,जिससे लोगों में रोष है।
गड्ढों में फंसते वाहन सवार
रायपुर भसरौल स्थित मौहारी चौराहा से मंडरहन डेरा होते हुए पसियन डेरा सरकंडी मार्ग गड्ढों में तब्दील हो चुका है। नतीजतन आए दिन वाहन चालक दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। बारिश के दौरान गड्ढों में पानी भरने से गहराई का अंदाजा नही लग पाता जिससे वाहन अनियंत्रित हो जाते हैं। बड़ी संख्या में इस मार्ग से आवागमन करने वाले हलकान रहते हैं।
कोट...
गड्ढे वाले मार्ग से परमानेंट आवागमन करने के दौरान घुटनों, गठिया सहित जर्किंग मूवमेंट होने के कारण स्पाइन, कमर, रीढ़ की हड्डी की समस्या होती है। वहीं बच्चों की हड्डियां नाजुक होने से उनका डेवलपमेंट व लंबाई भी प्रभावित हो सकती है।
डा.नितिन कुमार, आर्थो सर्जन
कोट...
जो भी विभाग के खराब मार्ग हैं उनका सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का काम पूरा होने के बाद कार्ययोजना तैयार कर स्टीमेट बनाकर भेजा जाएगा। जिसके पास होने के बाद खस्ताहाल मार्गों को दुरुस्त करवाकर ग्रामीणों को राहत दिलवाई जाएगी।
एके शील, एक्सईएन पीडी


