Fatehpur News: बारिश में सरकारी भवनों पर आफत,ढहने का खतरा

हिन्दुस्तान, फतेहपुर
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Fatehpur News: फतेहपुर में जर्जर सरकारी भवनों में बारिश से टपकने की घटनाएं बढ़ रही हैं। उच्च अधिकारियों के ऑफिसों के पास पानी टपकने से हादसों की आशंका बनी हुई है। जानवर अस्पताल, रेलवे कॉलोनी और अन्य कई क्षेत्रों में भवनों की स्थिति बेहद चिंताजनक है। पहले भी कई घटनाएं हो चुकी हैं।

Fatehpur News: बारिश में सरकारी भवनों पर आफत,ढहने का खतरा

Fatehpur News: फतेहपुर। जर्जर सरकारी भवनों के अंदर बारिश हो रही है। टपकटी छत, झांकती सरिया से हादसे की आशंका बनी है। आलम यह है कि आला अफसरों के दफ्तरों के आसपास से छतों से पानी टपक रहा है। वहीं आबादी वाले हिस्सों में खड़ी निजी जर्जर बिल्डिंगों के गिरने की आशंकाओं से भी लोग घिरे हुए हैं। शहर के पीरनपुर में संचालित होने वाले जानवर अस्पताल की बिल्डिंग बेहद जर्जर अवस्था में पहुंच चुकी है। जिसके बारिश के दौरान कभी भी गिरने से इंकार नहीं किया जा सकता, वहीं रेलवे कालोनी के जर्जर हो चुके आवासों की छतों से पानी टकपने के कारण निवास करने वाले कर्मचारियों पर खतरा मंडरा रहा है। विकास भवन में कई स्थानों पर छतों से पानी टपक रहा है। सिंचाई विभाग की कालोनी में रहने वाले कर्मचारी भी छतों के टपकने के साथ ही उसके गिरने वाले प्लास्टर व दिख रही सरियों के कारण हादसों की आशंकाओं के बीच परिवार के साथ रहने को मजबूर हो रहे हैं। पीएचसी देवमई में छत टपकने से कमरों में पानी भरा है। जिससे कई जरूरी सामान व दवाएं भीगने की आशंका बनी हुई है। वहीं एपीएचसी किशनपुर में जर्जर भवन में लोग बैठने से कतरा रहे हैं।

पूर्व की घटना के बावजूद नहीं दिख रही गंभीरता

पूर्व में शहर के प्रमुख बाजारों में शुमार चौक में एक जर्जर आवास का अगला हिस्सा भरभराकर गिर गया था। गनीमत यह रही कि कोविड के दौरान होने वाले हादसे के कारण बाजार में सन्नाटा होने से घटना नहीं हो सकी। इसके बावजूद चौक बाजार में अब भी कई बिल्डिंगे सौ साल से अधिक पुरानी होने के बावजूद उन्हे कंडम घोषित नहीं किया जा रहा जिससे इनके कभी भी गिरने से होने वाले हादसे से इंकार नहीं किया जा सकता।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फतेहपुर में कौन-कौन से जर्जर भवन हैं?
फतेहपुर में जानवर अस्पताल, रेलवे कॉलोनी और विकास भवन के जर्जर भवन शामिल हैं।
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