DA Image
हिंदी न्यूज़   ›   उत्तर प्रदेश  ›  फतेहपुर  ›  घर-घर बढ़ गई आयुर्वेदिक दवाओं की खपत

फतेहपुरघर-घर बढ़ गई आयुर्वेदिक दवाओं की खपत

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Sun, 09 May 2021 10:40 PM
घर-घर बढ़ गई आयुर्वेदिक दवाओं की खपत

फतेहपुर। हिन्दुस्तान संवाद

कोरोना का कहर चरम पर है, इससे बचने के लिए लोग दादी नानी के नुस्खों और देशी दवाओं का भी सहारा ले रहे हैं। हालांकि लोग अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए आयुर्वेद पर सबसे अधिक भरोसा कर रहे हैं। इसके चलते मेडिकल स्टोर पर मिलने वाली दवाओं और जड़ी बूटियों की खपत 80 फीसदी तक बढ़ गई है।

बाजार में नीम, गिलोय, घनवटी, अश्वगंधा, त्रिफला, महासुदर्शन चूर्ण, संजीवनी वटी, आंवले का जूस, गिलोय का जूस, च्यवनप्राश, लौंग का तेल, आयुष काढ़ा, शहद और काढ़े की बाजार में मांग तेजी से बढ़ गई है। लिहाजा बाजार में पर्याप्त मात्रा में माल नहीं मिल पा रहा है। संबन्धित दुकानदारों ने बताया कि पहले देसी दवाओं का बाजार सामान्य रहता था, लेकिन अब कोरोना काल में अचानक मांग तेज हो गई है। आलम यह है कि आयुर्वेदिक दवाइयों की मांग 80 फीसदी से अधिक हो गई है। वहीं एलोपैथिक दवाइयों के विक्रेता आदर्श सिंह ने बताया कि वह अपने मेडिकल स्टोर में देशी दवाईयां नहीं रखते थे। लेकिन संक्रमण काल में मांग बढ़ने पर देशी दवाइयां रखने लगे हैं। जिनकी खपत 60 फीसदी तक हो रही है। कुछ इसी तरह का हाल पंसारी की दुकानों के हैं। यहां लौंग, काली मिर्च, दालचीनी, सोंठ, छोटी इलायची, छोटा पीपल, मिश्री, अजवाइन सहित काढ़ा बनाने की सामग्री की मांग बढ़ी हुई है।

कोरोना से बचाव में अपनाएं यह नुस्खे

कोरोना से बचने के लिए आयुर्वेद में कई उपाय और औषधि हैं। वैद्य एलके द्विवेदी के अनुसार बुखार, खांसी या सांस लेने में अगर किसी व्यक्ति को परेशानी होती है तो वह दस ग्राम कपूर, एक चम्मच पिसी हुई अजवाइन, दस लौंग का चूर्ण मिलाकर लेकर और किसी डिब्बे या कपड़े में बांध कर रख लें। फिर इसे गहरी सांस के साथ सूंघें। ऐसा करने से काफी राहत मिलेगी। वहीं दस ग्राम अदरक, नीम की पत्तियां, एक चम्मच साबुत अजवाइन को एक लीटर पानी में उबालें, पानी खौलने लगे तो रोगी को इसकी भाप दिलांए।

संबंधित खबरें