
मणिकर्णिका घाट के दोबारा निर्माण को भेजा ज्ञापन
Fatehpur News - फतेहपुर में कांग्रेसियों ने मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त करने का आरोप लगाया है। उन्होंने राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर पुनर्निमाण की मांग की। कांग्रेस के जिलाध्यक्ष ने कहा कि यह घाट सनातन धर्म के लिए महत्वपूर्ण है और इसे नष्ट करना अपराध है। उन्होंने प्रदेश सरकार पर धार्मिक स्थलों के विकास में असफल रहने का आरोप लगाया।
फतेहपुर। काशी के मणिकर्णिका घाट को ध्वस्त कराने का कांग्रेसियों ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया है। कांग्रेसियों ने सोमवार को राज्यपाल को सम्बोधित ज्ञापन डीएम के माध्यम से भेजा। पार्टीजनों का कहना था कि मणिकर्णिका घाट का पुनर्निमाण कराया जाए। जिलाध्यक्ष महेश द्विवेदी ने कहा कि मणिकर्णिका घाट 1791 में माता अहिल्या बाई द्वारा जीर्णोद्धारित कराया गया था, जो सनातनियों के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान है। कहा कि प्रदेश सरकार विकास कार्यों से दूर धर्म स्थलों को तोड़ने का काम कर रही है, काशी का मणिकर्णिका घाट भी इसकी बानगी है। आरोप लगाते हुए कहा कि सरकार कौन से सनातन धर्म को मानती है ये समझ से परे है, सरकार द्वारा धर्म गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरा नंद को संगम स्नान से रोक यह सिद्ध कर दिया है कि उन्हे महज सरकार बनाओ धर्म के पालन से मतलब है।
शहर अध्यक्ष आरिफ गुड्डा ने कहा कि ऐतिहासिक धर्म स्थल नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा श्रोत माना जाता है, जिससे युवा पीढ़ी धर्म के महत्व को समझती है। जिससे उन्हें नष्ट करना अपराध है। कहा कि जल्द से जल्द मणिकर्णिका घाट का पुनर्निमाण कराया जाए। इस मौके पर सुधाकर अवस्थी, शेख एजाज अहमद, कलीम उल्ला सिद्दीकी, मणि प्रकाश दुबे, देवी प्रकाश दुबे, पं.रामनरेश महराज, अनुराग नारायण मिश्र, आदित्य श्रीवास्तव, मनोज घायल, निजामुद्दीन आदि मौजूद रहे।

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