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फतेहपुरसीबीएसई बोर्ड: इंटर के परीक्षार्थियों का नहीं दूर हो पा रहा असमंजस

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Mon, 24 May 2021 10:51 PM
सीबीएसई बोर्ड: इंटर के परीक्षार्थियों का नहीं दूर हो पा रहा असमंजस

फतेहपुर। संवाददाता

सीबीएसई की इंटरमीडियट बोर्ड परीक्षा को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट न होने से परीक्षार्थियों के साथ साथ उनके अभिभावक भी असमंजस की स्थिति में हैं। परीक्षा वाले सत्र बीतने के बाद भी परीक्षा नहीं होने से बच्चों में अगली कक्षा की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। हालांकि एक दिन पूर्व केन्द्र में केन्द्रीय शिक्षामंत्री के साथ हुई राज्यों के साथ इसी मामले को लेकर बैठक भी हुई लेकिन स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी।

सीबीएसई बोर्ड से जिले में करीब 10 विद्यालय संचालित हो रहे हैं। जिसमें इंटरमीडियट के करीब 1500 छात्र-छात्राओं को शिक्षासत्र 2020-21 की बोर्ड परीक्षा का इंतजार है। कोरोना काल को लेकर बोर्ड ने हाईस्कूल की परीक्षा तो रद्द कर दिया लेकिन इंटर की परीक्षा को लेकर अभी असमंजस बरकरार है। जैसा कि एक दिन पूर्व केन्द्र में हुई बैठक में परीक्षा को दो बार में कराए जाने पर सहमति बनने की स्थिति रही। वैसे में संक्रमण काल में बच्चों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है। विकल्पों की मानें तो जो परीक्षार्थी एक बार में परीक्षा नहीं दे पाएगा उसे दोबारा मौका मिल सकेगा। हालांकि अभी विद्यालयों के पास कोई स्पष्ट आदेश बोर्ड द्वारा नहीं दिए गए हैं। वहीं अभिभावकों का मानना है कि कोरोना संक्रमण काल में बोर्ड को परीक्षा नहीं करानी चाहिए।

ये हो सकते हैं परीक्षा के मानक

सीबीएसई बोर्ड द्वारा 12वीं कक्षा की परीक्षाएं दो बार कराई जा सकती हैं। बताया जा रहा है कि जहां अनुकूल स्थितियां हों, वहां उपयुक्त तारीख से परीक्षा शुरू की जा सकती हैं। इसके बाद के बचे हुए स्थानों पर परीक्षाएं 15 दिन बाद शुरू होंगी। तय तिथि पर कोरोना संबंधित कारणों से कोई परीक्षा नहीं दे पाएगा, तो उसे परीक्षा में बैठने का दूसरा मौका दिया जाएगा। प्रश्न पत्र इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजे जाएंगे।

संक्रमण काल में नहीं होनी चाहिए परीक्षा

बोर्ड परीक्षा को लेकर अभिभावक एवं परीक्षार्थियों के अलग अलग मत हैं। अभिभावक प्रवीण कुमार का कहना है कि जिस तरह से पूरे साल नियमित पढ़ाई नहीं हो सकी है और कोरोना संक्रमण की अधिकता है, ऐसे में बोर्ड को परीक्षा नहीं करानी चाहिए। वहीं परीक्षार्थियों का कहना रहा कि यदि परीक्षा हो तो पुराने पैटर्न पर हो। कम अवधि और विकल्प वाली परीक्षा ठीक नहीं होगी।

नोडल प्रभारी पीके त्रिपाठी ने बताया कि इंटर की परीक्षा को लेकर बोर्ड से कोई आदेश अभी तक प्राप्त नहीं हुए हैं। एक जून से पूर्व पूरी गाइड लाइन आने की उम्मीद है। यह स्पष्ट हो रहा है कि इंटरमीडियट की परीक्षाएं अवश्य होंगी। बोर्ड के दिशा निर्देश पर परीक्षाओं का आयोजन किया जाएगा।

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