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24 अक्तूबर, 2020|5:49|IST

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डेंगू जांच के नाम पर हो रहा बड़ा खेल

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डेंगू के नाम पर कुछ प्राइवेट अस्पतालों में मरीज व तीमारदारों से मनमाना पैसा वसूला जा रहा है। जबकि डेंगू की पुष्टि एलाइजा टेस्ट से ही होती है और यह टेस्ट कानपुर मेडिकल कालेज में ही होता है। स्वास्थ्य विभाग भी मेडिकल कालेज की रिपोर्ट के मुताबिक ही डेंगू के मरीजों की संख्या का आंकलन कर रहा है।

दिनों दिन डेंगू के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। जिसको लेकर विभाग भी गंभीर नहीं है। जिसका मरीज के इलाज व जेब पर पूरा असर पड़ रहा है। जनपद में इन दिनों डेंगू का प्रकोप जारी है। रोजाना मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार भी इसे लेकर गंभीर नहीं हैं। यही कारण है कि मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। शहर में कई ऐसे निजी अस्पताल हैं जो अपने तरीके से डेंगू के मरीजों से जांच व इलाज के नाम पर रुपए वसूल रहे हैं। कुछ दिन पहले ही सीएमओ ने निजी अस्पतालों से कहा था कि वह दो माह तक कार्ड टेस्ट के लिए रुपए निर्धारित कर दें लेकिन इसका कोई असर नहीं है। मेडिकल कालेज कानपुर की एलाइजा रिपोर्ट के मुताबिक अभी तक करीब तीन दर्जन मरीज डेंगू के चिह्नित किए जा चुके हैं। इसमें सभी मरीज अमौली व देवमई ब्लाक के गांवों के हैं। इसमें पुरुष व महिलाओं के अलावा बच्चे भी शामिल हैं। इधर प्राइवेट अस्पतालों और पैथालाजी संचालकों की सांठगांठ के चलते मरीजों की जेब काटने का काम किया जा रहा है।

कोट...

डेंगू जांच की स्पष्ट रिपोर्ट के लिए एलाइजा टेस्ट होना बेहद जरूरी है। जिले की निजी पैथालाजी में डेंगू के नाम पर किट टेस्ट किए जा रहे हैं लेकिन इनकी रिपोर्ट की पुष्टि नहीं की जा सकती। ग्रामीणों को इसके लिए जागरूक किया जा रहा है कि निजी पैथालाजी में जांच न कराकर वह उनकी टीम को जानकारी दें, वह डेंगू जांच कराएंगी।

डॉ. एके सिंह, जिला मलेरिया अधिकारी

डेंगू से ऐसे करें बचाव

-कूलर, गमले आदि में पानी न एकत्रित होने दें

-सोते समय मच्छरदानी का प्रयोग अवश्य करें

-पूरी बांह का सर्ट पहनें ताकि मच्छर काटने से बच सकें

-डेंगू के लक्षण दिखे तो सरकारी अस्पतालों संपर्क करें

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  • Web Title:Big game happening in the name of dengue investigation