सरकार के खिलाफ आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का फूटा गुस्सा
Fatehpur News - फतेहपुर में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने हक की लड़ाई में धरना दिया। उन्होंने सरकार से मानदेय, पेंशन, और अन्य सुविधाओं की मांग की। कार्यकत्रियों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपते हुए कहा कि उन्हें सरकारी कर्मचारी का दर्जा और बेहतर कामकाजी स्थितियों की आवश्यकता है। धरना प्रदर्शन में कई कार्यकर्ता शामिल हुए।

फतेहपुर। दशकों से हक की लड़ाई में जुटी आंगनबाड़ी कार्यकत्री सरकार के वादा खिलाफी का शिकार है। बाल विकास परियोजना संचालन का आधार कार्यकत्री मानदेय समेत मूलभूत समस्याओं से जूझती आ रही है। हाईकमान के आदेश पर कार्यकत्रियों ने धरना और नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। नहर कॉलोनी में आंगनबाड़ी संयुक्त मोर्चा की पदाधिकारी व कार्यकर्ता एकत्र हुई। पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा, टीकाकरण, मातृ-शिशु की देखभाल जैसे कार्य के बावजूद सुविधाओं से दूर है। कार्यकत्रियों ने धरना प्रदर्शन में सरकारी कर्मचारी का दर्जा, वेतनमान, निधि, पेंशन, महंगाई भत्ता, कोरोना काल से अब तक सेवानिवृत्त को पेंशन, आंगनबाड़ी से मुख्य सेविका और सहायिका से कार्यकत्री पर पदोन्नति की मांग रखी।
पोषण ट्रैकर के ऑनलाइन काम के लिए फाइव जी फोन, रिचार्ज कराया जाए, अन्यथा ऑनलाइन काम बंद करने का ऐलान किया। डेढ़ हजार की प्रोत्साहन राशि नियमित मानदेय में शामिल करने तथा विभिन्न विभागों के कार्य न थोपने की बात रखी। विभागीय मनमानी कटौती, सेवा समाप्ति व उत्पीड़न पर रोक लगाया जाए। कार्यकत्रियों ने विभिन्न मांगो को लेकर सड़क पर उतरी और नारेबाजी करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। जिला उपाध्यक्ष रेहाना ने बताया कि सरकारी कर्मचारी का दर्जा तो दूर सुविधाएं तक नहीं दी जाती। अनगिनत ज्ञापन देने के बाद भी ठोस कदम नहीं उठाया गया। यहां पर जिलाध्यक्ष बसंती सोनकर, संगीता देवी, शहनाज, विभा, जावित्री, शोभा, रंजना, अंजू, फूलमती, शशिकला, किरन सहित आधा सैकड़ा कार्यकत्री रही।

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