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फतेहपुररक्त के लिए मरीज के परिवार को बिलखता देख छेड़ी मुहिम

हिन्दुस्तान टीम,फतेहपुरPublished By: Newswrap
Mon, 10 May 2021 11:03 PM
रक्त के लिए मरीज के परिवार को बिलखता देख छेड़ी मुहिम

फतेहपुर। संवाददाता

शहर के सिख समाज के भाई बहन कोरोना काल में लोगों की मदद कर रहे हैं। वह न सिर्फ खून की कमी को पूरा कर रहे बल्कि प्लाज्मा के साथ आक्सीजन की उपलब्ध करा रहे हैं। अपनी इस मुहिम के जरिए एक के बाद एक जिले के लोग इनसे जुड़ते चले गए अब वर्तमान में इनके कई स्टेट के जरुरत मंद लोगों की मदद करवा रहे हैं।

वर्ष 2017 में शहर के रेल बाजार गुरुद्वारा गली निवासी गुरप्रीत कौर ने अपनी कॉलेज लाईफ के दौरान पहली बार कानपुर में रक्तदान किया। शहर वापसी पर उसने अपने भाई गुरमीत सिंह उमंग को भी रक्तदान के लिए प्रेरित किया। जिला अस्पताल में लगाए गए कैंप में रक्तदान करने पहुंचे भाई बहन ने रक्त की कमी होने के चलते एक मरीज के परिजनों को बिलखते व मरीज को तड़पते देखने के बाद रक्तदान को ही अपने जीवन की मुहिम बना डाला। इन्होंने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। अब तक दोनो भाई बहन करीब 35 से अधिक बार रक्तदान कर चुके है। भाई बहन कोरोना काल में जहां एक ओर चिकित्सक लोगों की इम्यूनिटी बढ़ाने की बात कर रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर उनकी टीम में शामिल लोगों का मनोबल कम नहीं हो रहा है। उनके प्रेरित होकर लोग दूसरों की मदद के लिए आगे आने लगे है। बताया कि एक अप्रैल से अब तक करीब 27 जरुरत मंद मरीजों को खून व प्लाज्मा उपलब्ध करा कर जान बचाई गई है। गुरप्रीत कौर ने बताया कि भाई ने अब तक करीब 28 बार व बहन ने नौ बार रक्तदान कर लोगों की मदद की है। इसके अलावा उनके द्वारा अब तक करीब 800 यूनिट रक्तदान लोगों को जागरुक कर कराया जा चुका है।

प्लाज्मा के साथ ही दिलवा रहे ऑक्सीजन

समाज सेवा का जज्बा रखने वाले भाई बहनों का कहना है कि जिले में प्लाज्मा डोनेट किए जाने की कोई व्यवस्था न होने के कारण जरुरतमंदो के लिए विभिन्न स्थानों पर प्लाज्मा डोनेट कराया जा चुका है। इसके साथ ही संगठन के लोगों की मदद से करीब दो दर्जन लोगों को ऑक्सीजन उपलब्ध कराया जा चुका है। जिससे लोगों की मदद हो पा रही है। इसके अलावा लगातार प्लेटलेट्स भी डोनेट कराई जा रही है।

ब्लड की कमी से न जाने पाए कोई जान

करीब चार साल पहले खून की कमी होने के कारण एक मरीज की जान जाने के बाद इन भाई बहनों ने अपने रक्त की कमी से किसी की जान न जाने पाए इसको ही अपने जीवन का उद्देश्य बना डाला। जिसमें लगातार लोगों सहित विभिन्न अस्पतालों में संपर्क स्थापित कर लोगों की मदद कराई जाने लगी। वर्तमान में प्रदेश के अलावा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, बिहार, हरियाणा, पंजाब, महाराष्ट्र, दिल्ली, गुजरात आदि स्थानों पर मदद पहुंचाई जा चुकी है।

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