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22 सितम्बर, 2020|10:17|IST

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12 दिन में 19.87 फीसदी पशुओं की टैगिंग

12 दिन में 19.87 फीसदी पशुओं की टैगिंग

पशुओं के गुम या चोरी होने के मुक्ति से या कृतिम गर्भाधान समेत मवेशियों के सरकारी लाभ के लिए यूनिक आई़डी जरूरी है। जिले में पशुओं के टैगिंग के काम जारी है। अभी तक सिर्फ 19.87 फीसदी पशुओ की टैटिंग हो सकी है। अफसरों ने टैंटिंग के गति में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। वहीं पशु स्वस्थ्य विभाग ने पशु पालकों से अपने मवेशियों की ईंयर टैगिंग कराने की अपील की है।

दोआबा में पशुओं की संख्या 8.10 लाख है। पशुपालन विभाग द्वारा इन सभी पशुओं के टैगिंग का काम जारी है। 18 अगस्त को डीएम ने टीकाकरण व टैकिंग करने वाली टीम को झंडी दिखा कर रवाना किया था। पिछले 12 दिनों में टीमों ने 1.61 लाख मवेशियों की ईयर टैगिंग की जा चुकी है। सीवीओ डा. आरके शर्मा ने बताया कि टैगिंग के लिए टीमेें फील्ड पर काम कर रही है। अभी तक काम संतोषजनक है। उन्होंने पशुपालकों के सहयोग करने की अपील की है। बताया कि नेशनल एनिमल डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के तहत सभी गोवंशों व भैसों को यूनिक नम्बर कोड किया जा रहा है। पशुओं के कान में लगाए जाने वाले प्लास्टिक टैग से पशुओं की सभी जानकारी राष्ट्रीय स्तर पर मिल जाएगी। टैग पर पशुओं के नाम, मालिक का नाम, पता, उम्र बीमारी व गर्भधारण से लेकर उन्हें लगने वाले टीके, दवाओं का विवरण उसी यूनिक नम्बर के आधार पर लिखा रहेगा। वहीं पशुओं की टैंगिंग नहीं कराने वाले पशुपालकों को सरकारी योजनाओं, उपचार, टीकाकरण, बीमा का लाभ नहीं मिलेगा।

8.10 लाख मवेशियों की ईयर टैगिंग की जाने है

1.61 लाख मवेशियों के यूुनिक आई़डी जारी की जा चुकी है

33 सौ अन्ना मवेशियों की भी टैगिंग कराई जा चुकी है।

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  • Web Title:19 87 percent animal tagging in 12 days