ट्रामा सेंटर बनने से मरीजों को त्वरित और बेहतर मिलेगा इलाज

Apr 06, 2026 10:29 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फर्रुखाबाद कन्नौज
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Farrukhabad-kannauj News - विश्व स्वास्थ्य दिवस पर लोहिया अस्पताल में ट्रामा सेंटर की स्थापना की जा रही है, जिससे गंभीर रोगों का त्वरित इलाज संभव होगा। यह सेंटर करीब 85 प्रतिशत तैयार है और जल्द चालू होने की उम्मीद है। इससे सड़क दुर्घटनाओं और गंभीर चोटों के मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिलेंगी।

ट्रामा सेंटर बनने से मरीजों को त्वरित और बेहतर मिलेगा इलाज

फर्रुखाबाद, संवाददाता। विश्व स्वास्थ्य दिवस मंगलवार को पूरी दुनिया में मनाया जा रहा है। इस दिवस पर यह कहना गलत नहीं होगा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में पिछले दो दशकों से जबरदस्त परिवर्तन हुये हैं। इसमें चाहें अस्पतालों में अत्याधुनिक सुविधाओंं की बात हो या फिर अन्य संसाधनों की। स्वास्थ्य सेवाओं की बेहतरी के लिए जो प्रयास किए जा रहे हैं उससे काफी हद तक लोगों को लाभ भी मिल रहा है। अपने जनपद में ही लोहिया अस्पताल परिसर में ट्रामा सेंटर स्थापित होने जा रहा है जिसमें लोगों को गंभीर रोगों केत्वरित इलाज की सुविधा मिलेगी। ट्रामा सेंटर का काम करीब 85 फीसदी हो चुका है।

उम्मीद जतायी जा रही है कि चंद महीनो में ही ट्रामा सेंटर शुरू हो जायेगा। सड़क दुर्घटनाओं, गंभीर चोटों, आकस्मिक घटनाओं के जो मामले लगातार बढ़ रहे हंै। ऐसे मरीजों को आने वाले समय में तत्काल विशेष इलाज की सुविधा मिल सकेगी। अभी तक लोहिया अस्पताल से जो मरीज सैफई और दूसरे संस्थानों को रेफर किए जाते थे उन्हें भी रेफर करने की जरूरत नही पड़ेगी। इससे न केवल समय की बर्बादी पर विराम लगेगा तो वहंीं मरीजों की जान भी सुरक्षित रह सकेगी। ट्रामा सेंटर में आधुनिक चिकित्सा सुविधायें, आपरेशर थिएटर, आईसीयू, इमरजेंसंी बेड, प्रशिक्षित डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ की व्यवस्था होगी। इससे गंभीर रूप से घायल मरीजों क ो तुरंत इलाज मिल सकेगा। इनसेटसीटी स्केन और डायलिसिस की है सुविधाफर्रुखाबाद।लोहिया अस्पताल में सीटी स्केन और डायलिसिस की भी सुविधा है। इससे मरीजों को काफी लाभ मिल रहा है। डायलिसिस की सुविधा चालू हुये लगभग दो साल हो गये हैं। इससे पहले रोगियों को डायलिसिस के लिए बाहर जाना पड़ता था। कुछ यहां के अस्पतालों में भी डायलिसिस सुविधा है जहां पर डायलिसिस कराना काफी महंगा साबित हो रहा था। तजब से लोहिया अस्पताल में डायलिसिस की सुविधा उपलब्ध हुयी है तब से रोगियों को आसानी हुयी है। इनसेटलगातार कम हो रहे स्थायी डाक्टर, संविदा पर निर्भरताफर्रुखाबाद।स्थायी डॉक्टर लगातार सरकारी अस्पतालों में कम हो रहे हैं। संविदा पर निर्भरता बढ़ गयी है। इस वजह से मरीजों के सामने दिक्कतें आ रही हैं। कई संविदा डॉक्टर अपने निजी अस्पताल या क्लीनिक खोले हैं। इस पर इन डॉक्टरों का ज्यादा फोकस रहता है। सरकारी स्तर पर सेवा सिर्फ अपनी मार्केटिंग के लिए कर रहे हैं। हाल ही में सरकारी डॉक्टरों की जो नियुक्तियां हुयी हैं उनमें कई डॉक्टर ऐसे हैं जिनके खुद के नर्सिंग होम संचालित हैं। इन हालातों मे ंसरकारी अस्पताल में आने वाले मरीजों को अक्सर निजी नर्सिंग होम का रास्ता भी पकड़ना पड़ता है। लोहिया पुरुष अस्पताल में ही कुल 35 डॉक्टर होने चाहिए। इसमें 25 डॉक्टर ही हैनात हैं। इसमें भी 12 संविदा डॉक्टर हैं। इनसेटचर्म रोग डॉक्टर मिल जाए तो होगी आसानीफर्रुखाबाद।लोहिया अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ की तैनाती लंबे समय से नहीं है। यदि यहां पर डॉक्टर की तैनाती हो जाए तो मरीजों को काफी आसानी होगी। इसके साथ ही यहां पर प्लास्टिक सर्जन भी नहीं है। मरीजों का कहना है कि जब से संविदा की व्यवस्था प्रभावी हुयी है तब से दिक्कतें बढ़ रही हैं। क्या कहते हैं जिम्मेदारलोहिया अस्पताल समेत अन्य सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों के जो पद रिक्त हैं उसके लिए शासन से डिमांड की गयी है। हालांकि संविदा डॉक्टरों से बेहतर सेवा लेने का प्रयास किया जा रहा है।डॉ.अवनींद्र कुमार, सीएमओ।नंबर गेम47 स्वीकृत पदों के सापेक्ष जिला स्तरीय चिकित्सालय में 38 डॉक्टरों की तैनाती। इसमें 17 संविदा चिकित्सक। 5 पद बर्न यूनिट के लोहिया अस्पताल में हुये हैं स्वीकृत।133 पदों के सापेक्ष 33 चिकित्साधिकारी तैनात हैं सीएचसी पीएचसी में।विश्व स्वास्थ्य दिवस पर विशेष ट्रामा सेंटर बनने से मरीजों को त्वरित और बेहतर मिलेगा इलाजजल्द चालू हो जायेगा, बड़े मेडिकल संस्थानों में रेफर करने से मिलेगी मुक्तिफोटो 11परिचय- लोहिया अस्पताल में पर्चा बनवाने को लगी लाइन।

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