DA Image
हिंदी न्यूज़ › उत्तर प्रदेश › वायरल फीवर का अटैक,बच्चों के साथ बड़े भी बीमार
फर्रुखाबाद कन्नौज

वायरल फीवर का अटैक,बच्चों के साथ बड़े भी बीमार

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजPublished By: Newswrap
Wed, 01 Sep 2021 05:01 AM
वायरल फीवर का अटैक,बच्चों के साथ बड़े भी बीमार

फर्रुखाबाद। कार्यालय संवाददाता

कोरोना से राहत मिली तो अब वायरल ने लोगों को अपनी चपेट में ले लिया है। कभी बारिश तो कभी तेज धूप के मौसम में वायरल फीवर ने तेजी के साथ पंाव पसारना शुरू कर दिए हैं। इससे अस्पताल से लेकर सीएचसी, पीएचसी के साथ साथ निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। जिले में खांसी, डायरिया, टायफाइड, बुखार और वायरल के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है।

लोहिया अस्पताल की ओपीडी में 50 फीसदी के आसपास मरीज इन्हीं रोगों से पीड़ित आ रहे हैं। अस्पताल का शिशु वार्ड इन दिनों फुल चल रहा है। बच्चे बुखार के साथ साथ डायरिया की भी चपेट में आ रहे हैं। इसके अलावा बड़े भी संक्रामक रोगों की चपेट में आ रहे हैं। मरीज के सिर में तेज दर्द के साथ उल्टी और दस्त जैसी समस्या भी सामने आ रही है। इससे यहां स्थिति खराब हो रही है। दिन पर दिन हालात बिगड़ते चले जा रहे हैं। मंगलवार को लोहिया अस्पताल की ओपीडी में 500 से अधिक बीमारों ने इलाज के लिए पर्चा बनवाए। सबसे अधिक बीमार फिजीशियन के पास इलाज को पहुंच रहे हैं। इसमें बुखार, खांसी, जुकाम के मरीज हैं। बच्चों के डॉक्टर यहां नहीं हैं। इससे ओपीडी में बच्चों का इलाज करना मुश्किल हो रहा है। हालांकि एक डॉक्टर की यहां तैनाती है। उनके कंधे पर एनआरसी की जिम्मेदारी है। जबकि अस्पताल के सीएमएस भी बाल रोग विशेषज्ञ हैं पर उनके पास सरकारी कार्य इतना है कि वह बच्चों को देख ही नहीं पा रहे हैं। ऐसे में अब जो बच्चे इमरजेंसी में गंंभीर आ रहे हैं उनका इलाज लोहिया महिला अस्पताल के प्रभारी सीएमएस डॉ.कैलाश कर रहे हैं। बच्चों का वार्ड पूरी तरह से फुल चल रहा है। इसके अलावा एक दर्जन से अधिक बड़े भी बीमार हैं। जिनका इलाज वार्ड में भर्ती कर किया जा रहा है। इनकी निगरानी फिजीशियन की देख रेख में हो रही है। तेजी के साथ मरीज बढ़ रहे हैं। कोरोना के बाद अब बुखार का हल्ला शहर से देहात तक जोर से हो रहा है। लोग इसको लेकर खासे परेशान हो रहे हैं। फिजीशियन कहते हैं कि इन दिनों जो वायरल चल रहा है वह काफी खतरनाक है। इसमें जरा सी भी लापरवाही बरतने की जरूरत नहींं है।

संबंधित खबरें