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बीस वर्ष बाद दहेज हत्या में पति को पांच वर्ष की सजा

बीस वर्ष बाद दहेज हत्या में पति को पांच वर्ष की सजा

बीस वर्ष पहले दहेज हत्या के मामले में आरोपी पति को बुधवार को न्यायाधीश ने पांच वर्ष की सजा व पांच हजार रुपए जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। वहीं जेठ व सास के खिलाफ साक्ष्य न मिलने पर उन्हें बाइज्जत बरी कर दिया। जहानगंज थाना क्षेत्र के गांव बेहटा निवासी रामबिलास ने दामाद राजेश, प्रेमचंद्र, फूलमती निवासीगण किशनपुर तालग्राम कन्नौज के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। आरोप लगाया कि वर्ष 1996 में शादी की थी। दहेज की मांग न पूरी होने पर ससुराल वालों ने 17 सितंबर 1998 को पुत्री शकंुतला को फांसी के फंदे पर लटकाकर मार डाला। विवेचक ने छानबीन के बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की। न्यायाधीश ने इस घटना में पति राजेश के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के साक्ष्य पाए जाने पर उसे पांच वर्ष की सजा व पांच हजार रुपए जुर्माना जमा करने के आदेश दिए। जुर्माना न देने पर उसे दो माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। वहीं जेठ प्रेमचंद्र व सास फूलमती को बाइज्जत बरी कर दिया।

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  • Web Title: Twenty years later the husband sentenced to five years in dowry murder