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फर्रुखाबाद कन्नौज

ताबूत की जियारत को उमड़े शैदाई , हर आंख हुई नम

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजPublished By: Newswrap
Tue, 28 Sep 2021 05:21 AM
ताबूत की जियारत को उमड़े शैदाई , हर आंख हुई नम

फर्रुखाबाद। संवाददाता

काफिला-ए- बनी असद और शबीह-ए-ताबूत 18 बनी हासिम बरामद किए गए। मोहल्ला खेर खां में शहीदा ने कर्बला की याद में ताबूत बरामद किए गए तो जियारत को हुसैन के चाहने वालों की भीड़ जुटी।

ताबूत को बोशा देने को लोगों में होड़ दिखाई दी। इससे पहले इमामबाड़े में मुजफ्फरनगर के मौलाना मुजफ्फर हसनैन जैदी ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इंसानियत को बचाने के लिए इमाम हुसैन ने कर्बला में कुर्बानी पेश की। इंसान को बेदार तो होने दो हर कौम पुकारेगी हमारे हैं। हुसैन की सीरत पर अमल करने की जरूरत है। जिस तरीके से हुसैन ने बुराई के आगे झुकने से मना कर दिया और अपनी कुर्बानी देना पसंद किया। आज बुराई के रास्ते पर चलने वाले यजीद का कोई नाम लेवा नहीं है, और हुसैन को याद कर लोग आंसू बहाते हैं। ताबूत आफताब हुसैन के इमामबाड़े से मोहल्ले के ही एक इमामबाड़े तक पहुंचाए गए। मौलाना सदाकत हुसैन शैथली ने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानियों को भुलाया नहीं जा सकता है। उनको याद कर लोग आंसू बहा रहे हैं। मौलाना फरहत अली जैदी, मोहसिन काज़मी, ईशान जैदी ने बानिए जियारत की। मुंतजिर हुसैन, आफताब हुसैन, शारिक अली, नफीश हुसैन आदि रहे।

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