सायरन की गूंज और धमाकों से लगता हैं डर, रातभर सो नहीं पा रहे
Farrukhabad-kannauj News - बताया कि वहां स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ईरान द्वारा यूएई स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की खबरों के बीच पूरी रात सायरन की आवाजें सुनाई देती

कायमगंज, संवाददाता। ईरान और अमेरिका के बीच गहराते सैन्य तनाव की तपिश अब खाड़ी देशों तक पहुंच गई है। दुबई में रह रहे कायमगंज क्षेत्र के करीब 100 से अधिक लोगों के परिवारों में भारी चिंता और डर का माहौल है। वहां से आ रही मिसाइल हमलों और सायरन की आवाजों की खबरों ने स्थानीय परिजनों की नींद उड़ा दी है। दुबई के अरेबियन रेंचेस इलाके में रह रहे कायमगंज निवासी प्रशांत अग्रवाल ने फोन पर बताया कि वहां स्थिति तनावपूर्ण है। ईरान द्वारा यूएई स्थित अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की खबरों के बीच पूरी रात सायरन की आवाजें सुनाई देती रहीं।
हालांकि, यूएई की उन्नत डिफेंस प्रणाली मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर रही है, लेकिन आसमान में होने वाले धमाकों और गिरते मलबे की आवाजें लोगों को डरा रही हैं। रविवार की छुट्टी होने के बावजूद लोग घरों से बाहर नहीं निकले। प्रशासन ने लोगों को खिड़की-दरवाजों से दूर रहने और घरों के निचले हिस्सों में रहने की सलाह दी है। हाल ही में दुबई से लौटे सुमित गुप्ता ने बताया कि कायमगंज के करीब 100 लोग वहां रोजगार और व्यापार के सिलसिले में रह रहे हैं। राशन, दूध और ब्रेड का स्टॉक करना शुरू दहशत का आलम यह है कि प्रवासियों ने तीन-चार दिनों का राशन, दूध और ब्रेड का स्टॉक करना शुरू कर दिया है। हालांकि मॉल और रेस्टोरेंट खुले हैं, लेकिन अनावश्यक बाहर निकलने पर पाबंदी जैसी स्थिति है। इधर, कायमगंज में रह रहे परिवार परेशान है। प्रशांत की माता रजनी गोयल ने बताया कि वह लगातार वीडियो कॉल के जरिए बच्चों की खैर-खबर ले रही हैं। उन्होंने बताया कि धमाकों और अलर्ट के कारण बच्चे रात भर सो नहीं पा रहे हैं। स्थानीय स्तर पर परिजनों ने भगवान से शांति की दुआ मांगना शुरू कर दिया है। हालांकि यूएई सरकार स्थिति सामान्य होने का दावा कर रही है, लेकिन युद्ध की आशंका ने प्रवासियों के मन में गहरी दहशत पैदा कर दी है। इसके अलावा कायमगंज के कुछ लोग कतर, बहरीन में भी है। उनके परिजन हालचाल रहे हैं। बाहर निकलने पर मनाही, धमाकों से लग रहा डर फर्रुखाबाद, संवाददाता। ईरान इजरायल और अमेरिकी युद्ध ने सभी को दहशत में डाल दिया है। शहर के कई छात्र और कारोबारी ईरान, कतर, कुबैत और दुबई में फंसे हैं। जिस तरह से मिसाइल वार का दौर चल रहा है उससे सभी परेशान हैं। ईरान में फंसी एक छात्रा और एक छात्र से परिजनों की बात हुई कहा बाहर निकलने की मनाही है। आवाजें सुनाई दे रही है। लेकिन यहां फिलहाल ठीक है। ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद भी ईरान पीछे हटने को तैयार नहीं है। इसलिए ईरान की ओर से मिसाइल से बार किए जा रहे है। अमेरिका और इजराइल ईरान को बर्बाद करने के लिए जबरदस्त बम और मिसाइल गिरा रहा है। ईरान अमेरिका इजरायल के साथ कुबैत, कतर और दुबई पर मिसाइल दागे है। इससे इन देशों में रहने वाले अपने शहर के लोगों के लिए खतरा बनता जा रहा है। लेकिन जहां पर अपने शहर के लोग है वह फिलहाल सुरक्षित है। इंटरनेट बंद, मैसेज से हो पा रही बात घेरशामू खां मोहल्ले मेराज अली की बेटी ईरान में पढ़ाई कर रही है। सोमवार को घर वालों से बात हुई बताया कि कालेज हॉस्टल से बाहर निकलने की मनाही है। रात में आवाजें सुनाई देती है जैसे कोई मिसाइल बम गिर रहे हो इससे थोड़ा डर सा लगता है। लेकिन छात्रा ने बताया कि अभी यहां पर ऐसी कोई बात नहीं है जिससे कोई दिक्कत हो। गढ़ी कोहना के छात्र से परिजनों ने बात की और खैरियत ली। लेकिन इंटरनेट बंद होने के कारण मैसेज से ही बात संभव हो पा रही है। लेकिन छात्र ने बताया फिक्र करने की कोई बात नहीं है। उधर कुबेत, कतर, दुबई में रहकर सर्विस करने वाले लोगों के परिवार के लोगों ने बताया कि पहले दिन बच्चे दहशत में थे लेकिन अब नहीं बताया कि जहां पर बेटे है वहां सब ठीक है। दुबई के कई लोग तो आना चाहते है लेकिन फ्लाइट बंद होने के कारण निकल नहीं पा रहे हैं। - खाड़ी देश में रह रहे कायमगंज के प्रवासियों में दहशत - युद्ध होने से परिजनों को सता रही अपनों की सुरक्षा की चिंता 100 से अधिक लोगों के परिवार चिंतित 01 मार्च को छुट्टी के बावजूद नहीं निकले घरों से 03 से चार दिन के राशन का स्टॉक करने लगे प्रवासी
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



