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फर्रुखाबाद कन्नौज

रामगंगा नदी विकराल, बाढ़ से हालात खराब

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजPublished By: Newswrap
Tue, 28 Aug 2018 10:48 PM
रामगंगा नदी विकराल, बाढ़ से हालात खराब

जिले में बाढ़ से हालात खराब हो रहे हैं। एक ओर जहां गंगा गंगा कहर बरपा रही हैं तो वहीं दूसरी ओर रामगंगा नदी ने तटीय इलाकों में तबाही मचाना शुरू कर दिया है। स्थिति इतनी अधिक विकराल हो गई है कि कई गांव के अस्तित्व को भी खतरा है। रामगंगा नदी का जलस्तर में भारी बढ़ोत्तरी हुई और यह जलस्तर खतरे के निशान के एकदम करीब में पहुंच गया है। जिस हिसाब से बांधो से पानी छोड़ा जा रहा है उससे और हालत बिगड़ने की संभावना है। प्रशासन की ओर स्ेा सिर्फ बैठकों के माध्यम से बाढ़ राहत के कार्यो की खानापूरी की जा रही है। जमीनी स्तर पर पीड़ितों को राहत नहंी मिल पा रही है।

मंगलवार को गंगानदी का जलस्तर 136.95 मीटर पर दर्ज किया गया जो कि खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर दूर है। सबसे अधिक रामगंगा ने भयावह रूप धारण कर लिया है। इस नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ते हुए 137.05 सेंटीमीटर पर पहुंच गया है। जो कि खतरे के निशान से सिर्फ 5 सेंटीमीटर ही दूर है। गंगा नदी में नरौरा बांध से 200483 क्यूसेक पानी भेजा गया है। हरिद्वार से 63843, बिजनौर से 147485 क्यूसेक पानी पास किया गया। रामगंगा नदी में हरेली बैराज से 207, खो बैराज से 9280, रामनगर से 8314 क्यूसेक पानी भेजा गया है। बांधो से भेजा गया यह पानी 18 से 20 घंटे में आ जाएगा। इससे जलस्तर में और इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। तटीय इलाकों के कई नए गांव में पानी घुस चुका है। लोगों में हाहाकार मच गया है। कई गांव में पहले से ही बाढ़ से हालात खराब हैं। गांव में पानी भरा देखकर लोग सड़कों के किनारे और सुरक्षित स्थानों की ओर तेजी के साथ पहुंचने लगे हैं। सबसे अधिक स्थिति गंगापार की खराब है जहां दोनों नदियों की तबाही से ग्रामीणों की नींद उड़ी हुई है। ग्रामीण इस कदर परेशान हैं कि वे अब मजबूरी में घर छोड़कर इधर उधर मवेशी लेकर जा रहे हैं।

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