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24 अक्तूबर, 2020|5:34|IST

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प्रधान ने अपने खासमखास और परिजनों के बनवा लिए जॉब कार्ड

प्रधान ने अपने खासमखास और परिजनों के बनवा लिए जॉब कार्ड

मोहम्मदाबाद ब्लाक के बिहार ग्राम पंचायत में मनरेगा में प्रधान ने अपने खासमखास लोगों के जॉब कार्ड बनवा लिए हैँ। खंड विकास अधिकारी और डीआरडीए के अपर साख्यिकी अधिकारी की जांच में अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। इस मामले में अब जिम्मेदारों पर कार्रवाई तय है। वकील आदित्य यादव ने बिहार ग्राम पंचायत में मनरेगा में पंचायत सचिव और प्रधान की ओर से की गई गड़बडृी की शिकायत की थी।

इस मामले में खंड विकास अधिकारी राजबहादुर और अपर सख्यिंकी अधिकारी विक्रांत तिवारी ने जांच पड़ताल की। उपायुक्त श्रम रोजगार ने जांच रिपोर्ट का अवलोकन कर पाया कि प्रथम दृष्टया शिकायत सही है। जांच में पाया गया कि मनरेगा में जॉब कार्ड ब नवाने के लिए गांव में स्थायी निवास करने वाले इच्छुक परिवार का एक ही जॉब कार्ड बनना चाहिए जब कि प्रदीप कुमार, उमेश और चंद्रप्रकाश के परिवार के सदस्यों के अल अलग जॉब कार्ड बने हैं। वर्ष 2019-20 में प्रदीप को 72 दिन का 13104 रुपए 2020-21 में 30 दिन का 6030 रुपए अमित परिहार के वर्ष 2018-19 में, 13 दिन का 3150, वष्र् 2019-20 में 15288, 2020-21 में 5829, सुमित परिहार को वर्ष 2018-19 में 3150, 2019-20 में 12922, 2020-21 में 4824, बीना को 2018-19 में 4200, 2019-20 में 15288, 2020-21 में 4221 का भुगतान किया गया। इसी तरह से उमेश, सत्यम परिहार, चंद्रप्रकाश, प्रीती और सुप्रिया चौहान को भी हजारों रुपए का मनरेगा से भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता आदित्य ने बताया कि प्रधान के सहयोगी और परिवारीजनों को मनरेगा में बिना किसी कार्य के सरकारी भुगतान किया गया है। उधर खंड विकास अधिकारी की ओरसे की गई जांच से हड़कंप मचा है।

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  • Web Title:Pradhan got job cards of his special people and family members