Farrukhabad Kannauj News: बस अड्डा बन गया अव्यवस्थाओं का अड्डा
Farrukhabad Kannauj News: उंटर। फर्रुखाबाद, संवाददाता। बस अड्डे पर यात्रियों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। बस अड्डे पर कई स्विच बोर्ड टूटे पड़े हैं बिजली के त

Farrukhabad Kannauj News: फर्रुखाबाद, संवाददाता।बस अड्डे पर यात्रियों को जो सुविधाएं मिलनी चाहिए वह नहीं मिल रही है। बस अड्डे पर कई स्विच बोर्ड टूटे पड़े हैं बिजली के तार खुले लटक रहे हैं। इससे यात्रियों को जान का खतरा बना रहता है। साफ-सफाई का भी अभाव रहता है। बसें काउंटर पर न खड़ी होने से यात्री बसों के लिए भटकते हैं। रोडवेज के स्थानीय बस अड्डे से हर रोज दस से 12 हजार यात्री सफर करते हैं। स्थानीय डिपो में 91 निगम और 23 बसें अनुबंधित है। बस अड्डे पर कौन सी बस कहां को जाएगी इसके लिए अलग अलग काउंटर बनाए गए हैं। काउंटरों पर पट्टिकाएं भी लगाई गई है जिससे यात्रियों को बसों के लिए भटकना न पड़े। लेकिन बस अड्डे पर अधिकतर बसें काउंटरों को छोड़कर इधर उधर खड़ी होती है। इससे यात्रियों के अलावा सबसे अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। लेकिन रोडवेज के अधिकारी कर्मचारी बसों को काउंटरों पर खड़ी कराने पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बस अड्डे पर यात्रियों की सुविधा के लिए जगह जगह स्विच लगाए गए हैं। जिससे यात्री मोबाइल आदि चार्ज कर सकें लेकिन बस अड्डे पर कई स्विच टूटे पड़े हैं। कई के स्विच बोर्ड उखड़ गए जसी और बिजली के तार खुले पड़े हैं। बस अड्डे पर पहुंचने वाले यात्रियों और उनके बच्चों को इससे हर समय खतरा बना रहता है। लेकिन इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। यात्रियों का कहना है जो स्विच खराब है या टूटे उखड़े पड़े है उनको ठीक कराया जाए। बस अड्डे पर साफ सफाई ठीक से कराई जाए। जिससे यात्रियों को को अभी असुविधा हो रही है वह न हो। स्टेशन इंचार्ज राम खिलावन ने बताया कि बसों को काउंटर पर खड़ी कराया जा रहा है कुछ चालक परिचालक मनमानी कर रहे है उनके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। उखड़े या टूटे स्विच को ठीक कराया जाएगा। अन्य कमियों को जल्द सही कराया जाएगा।
दिव्यांग यात्रियों रहते बेबस
बस अड्डे पर पहुंचने वाले दिव्यांग यात्री बेबस रहते हैं। दिव्यांग यात्रियों के लिए बनाई गई रैंप लंबे समय से टूटी पड़ी है। बस अड्डे पर एक व्हीलचेयर है। रैंप टूटी होने से दिव्यांग यात्रियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। बस अड्डे पर दिव्यांग यात्रियों के पीने के पानी के भी इंतजाम नहीं है। पीने के पानी की जो टोटी लगी है वह ऊंचाई पर लगी है इसलिए जब कभी दिव्यांग यात्री यहां पानी पीने को पहुंचते है तो वह बेबस नजर आते हैं। अगर बसें काउंटर पर खड़ी हो तो दिव्यांग यात्रियों को असुविधा नहीं हो।
बस अड्डे पर खड़े होते ई रिक्शा
बस अड्डे पर जहां बसें खड़ी होती है वहां तक ई रिक्शा खड़े होते हैं। कई ई रिक्शा तो यात्रियों को निजी बसों को ट्रांसफ़र करने का काम कर रहे हैं। लेकिन इसके बाद भी इस ओर ध्यान नहीं दिया जाता है इससे रोडवेज को राजस्व की चपत लग रही है। बस अड्डे के सामने ही जलभराव होता है इसको रोडवेज की ओर से ठीक नहीं कराया जा रहा है। जलभराव हो जाने से यात्रियों परेशान रहते हैं।
नंबर गेम
- 91 है रोडवेज में निगम की बसें।
- 10 से 12 हजार यात्री हर रोज सफर करते है।
- 23 है रोडवेज में अनुबंधित बसें।


