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25 नवंबर, 2020|2:29|IST

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लोहिया अस्पताल में इलाज को तड़पे मरीज

लोहिया अस्पताल में इलाज को तड़पे मरीज

कोरोना काल में भी मरीजों को लोहिया अस्पताल से बेहतर सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। बदइंतजामी का आलम है कि डॉक्टर मरीज को नजदीक से देखने को भी तैयार नही हैं। बुधवार को कन्नौज के आए एक मरीज की हालत बिगड़ी तो उसे संभालने वाला भी कोई नहीं था। वह जमीन पर लेटकर बुरी तरह से कराह रहा था।

मगर न तो डॉक्टर और न ही किसी स्वास्थ्य कमी्र को जरा सा भी उस पर तरस आया। जब उसे अस्पताल से कोई सुविधा नहीं मिली तो थक हार कर उसके परिजन मरीज को यहां से दूसरी जगह ले गए। लोहिया अस्पताल में कोरोना काल में स्थिति एकदम बदल चुकी है। डॉक्टर सीधे मरीजों को नहीं देख रहे हैं। यहां तक कि गंभीर बीमारियों में भी मरीजों को दुत्कार सहनी पड़ रही है। मरीजों के सामने यहां पर एक ही विकल्प है या तो यहां पर लीग पीटने वाला इलाज करवाएं या फिर दूसरी जगह जाएं। बुधवार को पूर्वान्ह कन्नौज के सौरिख के प्रकाश चन्द्र को उनकी बेटी उर्मिला और भाई विश्वनाथ लोहिया अस्पताल में इस आशा के साथ लेकर आए कि यहां पर सुविधाजनक रूप से इलाज हो जाएगा। अस्पताल में जब परिजन प्रकाश चन्द्र को लेकर आए तो यहां की बदइंतजामी देखकर उनके रोंगटे खड़े हो गए। मरीज को स्ट्रेचर भी नहीं मिला। इस पर वह जमीन पर ही लेट गया। सांस फूलने की वजह से वह कराह रहा था। शरीर भी गर्म था। जबकि इधर से कई मर्तवा स्वास्थ्य कर्मी भी कई बार निकले। मगर किसी ने भी इस मरीज की ओर मुखातिव होना नहीं समझा। थक हार कर मरीज के परिजन यहां से चले गए। प्रकाश चंद्र की बेटी उर्मिला ने बताया कि कन्नौज से इस आशा में आए थे कि यहां पर पिता का इलाज फ्री हो जाएगा। मगर यहां तो कोई देखने वाला ही नहीं है। पिता की हालत बेहद बिगड़ंी हुई थी।

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  • Web Title:Patients suffering for treatment in Lohia Hospital