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27 नवंबर, 2020|11:23|IST

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स्कूलों के अनावश्यक फीस वसूली को लेकर अभिभावक परेशान

स्कूलों के अनावश्यक फीस वसूली को लेकर अभिभावक परेशान

लाक डाउन की अवधि में प्राइवेट स्कूलों के संचालक अभिभावकों से अनावश्यक रूप से पैसे वसूलने से नहीं चूक रहे हैं। स्कूल बंद होने के बाद भी अभिभावकों से बिजली,पानी ,गेम्स और कंप्यूटर लैब के अलावा अन्य मदों का पैसा भी वसूल किया जा रहा है । कहीं-कहीं तो टेस्ट और परीक्षा के नाम पर फीस जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। कोरोना काल में परिषदीय स्कूलों, माध्यमिक स्कूलों और प्राइवेट स्कूलों के अलावा सभी शिक्षण संस्थाओं को बंद किया गया है । आनलाइन पढ़ाई के नाम पर प्राइवेट स्कूल के संचालक अभिभावकों से अनावश्यक पैसे वसूल रहे हैं । स्कूल नहीं खुले हैं उसके बाद भी मासिक फीस के अलावा बिजली-पानी गेम्स कंप्यूटर लैब के अलावा अन्य मदों का ही पैसा वसूला जा रहा है । मासिक टेस्ट और परीक्षा के नाम पर भी स्कूल फीस का दबाव बनाया जा रहा है । नगर निवासी शिवचरण शर्मा का कहना है कि उनकी बेटी एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ती है स्कूल से फोन पर बार-बार फीस जमा करने की बात कही जा रही है। जबकि आनलाइन पढ़ाई सिर्फ शिगूफा है । उससे बच्चे पढ़ाई नही कर पा रहे हैं । आजाद नगर निवासी राम कुमार का कहना है कि उनका बेटा सीबीएसई बोर्ड के स्कूल में कक्षा 4 का छात्र है। व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर सिर्फ किताबों के पाठ और उनके सवालों के जवाब भेजे जा रहे हैं । इसे बच्चे न तो सही से पढ़ पा रहे हैं और न ही वह समझ पा रहे हैं। इसके बाद भी स्कूल से बार-बार फीस के अलावा अन्य मदों का पैसा जमा करने का दबाव बनाया जा रहा है। डीआईओएस ने बताया कि शासनादेश में प्राइवेट स्कूलों को मात्र आवागमन शुल्क न वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।

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  • Web Title:Parents worried about collection of unnecessary fees of schools