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फर्रुखाबाद कन्नौज

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड़ तोड़ शुरू

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजPublished By: Newswrap
Wed, 05 May 2021 10:00 PM
जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड़ तोड़ शुरू

फर्रुखाबाद। हिन्दुस्तान संवाद

जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी के लिए जोड़ तोड़ शुरू हो गई है। सर्वाधिक सीटें जीतने वाली समाजवादी पार्टी में अध्यक्ष के लिए हलचल तेज हो गई है कि आखिरकार कौन से मजबूत चेहरे को अध्यक्ष पद के लिए सामने लाया जाए। सत्तारुढ़ दल भाजपा फिलहाल सीटों की गणित में काफी पीछे है। यदि निर्दलीय ही मिला लिए जाएं तब भी अध्यक्ष पद की सीट हासिल करना पार्टी के लिए कोई आसान नहींं होगा।

जिला पंचायत के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने जबरदस्त सफलता प्राप्त की। भाजपा को बुरी तरह से पटखनी देते हुए सपा ने 30 सदस्यीय जिला पंचायत में 15 सीटें हासिल कर ली हैं। अध्यक्ष पद के लिए आवश्यक सदस्यों की पूर्ति होने के बाद अब सपाई मौके के हिसाब से निर्दलीय भी मजबूत पाले में आने के लिए बेचैन दिखाई पड़ रहे हैं। जिला पंचायत चुनाव में भाजपा को सिर्फ चार सीटें हासिल हुईं। राजेपुर, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज में तो भाजपा का सूपड़ा ही साफ हो गया। यहां पर एक भी सीट पार्टी के खाते में नहंी आई। बसपा के खाते में तीन सीटें आई हैं। सबसे अधिक सदस्य जीतकर आने वाली सपा अपने पक्ष में माहौल होता देखकर उत्साहित हैं और पिछली बार की तरह इस बार भी सदन में बहुमत हासिल करने के लिए पार्टी को अधिक मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। इतना अवश्य है कि पार्टी में सभी सदस्यों को एकजुट करने के लिए नेतृत्व को हस्तक्षेप करना पड़ सकता है। क्योंकि पार्टी के धुर विरोधियों में सामंजस्य दिखाना होगा। दोनों धुरविरोधी यदि एक मंच पर आते हैं तो अध्यक्ष पद हासिल करने में किसी तरह की कोई समस्या खड़ी नहंी होगी। तीस सदस्यीय जिला पंचायत में आठ निर्दलीय हैं, जिनमें कुछ निर्दलीय तो सपा से सीधे संपर्क में भी हैं तो कुछ मौके की तलाश में हैं। पिछली बार भी सपा ने विपरीत सदस्यों के बाद भी सदन में अपना परचम लहराया था और भाजपा के सत्ता में रहते हुए पूरे पांच साल तक जिला पंचायत अध्यक्ष का कार्यकाल पूरा किया। वहीं भाजपा गणित के मामले में भले ही पीछे है मगर इस चुनाव में कोई न कोई भूमिका तैयार करने के लिए प्रयासरत है जिससे कि विपक्ष को किसी न किसी तरीके से कमजोर किया जा सके। बसपा का रुख चुनाव में क्या होगा। अभी इसको लेकर कोई स्थिति स्पष्ट नहीं है मगर आने वाले एक दो दिन में नेतृत्व से विचार विमर्श के बाद इस पर फैसला हो जाएगा कि बसपा खेमे के सदस्य किस पाले में रहेंगे।

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