खुले में क्यों रखा गेहूं, एफसीआई को न भेजे नमी वाला अनाज
क्षण -केंद्र प्रभारी से जताई नाराजगी फोटो 28 परिचय डिप्टी आरएमओ ने क्रय केंद्र का निरीक्षण किया कायमगंज, संवाददाता मंडी समिति स्थित राजकीय गेहूं क्रय

कायमगंज, संवाददाता। मंडी समिति स्थित राजकीय गेहूं क्रय केंद्र पर खुले में रखा सरकारी गेहूं भीगने के मामले को जिलाधिकारी की ओर से गंभीरता से लिए जाने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया है। जिलाधिकारी ने मार्केटिंग इंस्पेक्टर को प्रतिकूल प्रविष्टि दिए जाने के बाद डिप्टी आरएमओ रोली सिंह और क्षेत्रीय विपणन अधिकारी पुरुषोत्तम दास ने नवीन मंडी समिति का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान की गई कार्रवाई
अधिकारियों ने केंद्र पर गेहूं के रखरखाव और आवक की बारीकी से जांच की और केंद्र प्रभारी को सख्त चेतावनी दी। गुरुवार निरीक्षण के दौरान डिप्टी आरएमओ ने पाया कि मंडी परिसर में टीनशेड खाली होने के बावजूद गेहूं को खुले आसमान के नीचे रखा गया था, जो सीधे तौर पर केंद्र प्रभारी की लापरवाही को दर्शाता है।
जांच टीम का गठन
डिप्टी आरएमओ ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर एक तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की गई है, जिसमें वह स्वयं, एरिया मार्केटिंग इंस्पेक्टर और मंडी सचिव शामिल हैं। निरीक्षण में अधिकारियों ने बीते दिनों क्रय किए गए गेहूं की 50 बोरियों की परखी लगाकर जांच की। जांच में गेहूं के दानों में नमी तो पाई गई है, लेकिन गेहूं सड़ा नहीं मिला है।
व्यापारियों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों के मंडी पहुंचने की भनक लगते ही भारतीय उद्योग व्यापार मंडल के प्रांतीय मंत्री व जिला अध्यक्ष आदेश अग्निहोत्री, जिला मंत्री नीरज राठौर और जिला संगठन मंत्री पिंटू कौशल भी मौके पर पहुंच गए। वही डिप्टी आरएमओ ने गल्ला आढ़तियों को भी मौके पर बुलाया। व्यापारी नेताओं ने डिप्टी आरएमओ, मंडी सचिव शैलेंद्र कुमार वर्मा और क्रय केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह के साथ पूरे परिसर का जायजा लिया। व्यापारियों ने सुझाव दिया कि मुख्य टीनशेड के अलावा मंडी की जो दुकानें फिलहाल खाली पड़ी हैं, उनके आगे बने टीनशेड का इस्तेमाल भी गेहूं को सुरक्षित रखने के लिए किया जाए, ताकि अचानक होने वाली बारिश से सरकारी संपदा को बचाया जा सके।
केंद्र प्रभारी को निर्देश
डिप्टी आरएमओ रोली सिंह ने केंद्र प्रभारी जितेंद्र सिंह को दो टूक लहजे में निर्देश दिए कि गेहूं के रखरखाव में आगे किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साफ किया कि एफसीआई में किसी भी कीमत पर नमी वाला गेहूं न भेजे। हर हाल में खरीदा हुआ गेहूं 30 जून तक डिपो भेजना अनिवार्य है। यदि निर्धारित समय सीमा के बाद गेहूं भेजा जाता है या लापरवाही से अनाज खराब होता है, तो मार्केटिंग इंस्पेक्टर से 1 फीसदी की रिकवरी की जाएगी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत इस बार बरसात में 70 फीसदी तक भीगे और चमकविहीन गेहूं की खरीद की छूट दी गई है, लेकिन इसका मतलब यह कतई नहीं है कि केंद्र पर आने के बाद सही गेहूं को लापरवाही से भीगने दिया जाए।
खुले में क्यों रखा गेहूं, एफसीआई को न भेजे नमी वाला अनाज
मंडी में भीगा सरकारी गेहूं मामले में डिप्टी आरएमओ ने किया औचक निरीक्षण
-केंद्र प्रभारी से जताई नाराजगी
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परिचय डिप्टी आरएमओ ने क्रय केंद्र का निरीक्षण किया
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