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28 जनवरी, 2021|6:20|IST

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बादलों के बीच छिपे रहे सूर्यदेव, बर्फीली हवाओं से सर्दी और बढ़ी

बादलों के बीच छिपे रहे सूर्यदेव, बर्फीली हवाओं से सर्दी और बढ़ी

दिन भर बर्फीली हवाएं चलने से बादलों के बीच सूर्यदेव छिपे रहे। ऐसे में लोगों ने घर में रहना ही उचित समझा। बाजारों में सर्दी का असर साफ दिखाई पड़ा । पूरे दिन सूर्यदेव के दर्शन करने को भी लोग तरस गए। शाम को सर्दी का असर और गहरा गया । दिसंबर माह के आखिरी सप्ताह मेंं गजब की सर्दी हो रही है और पूस की सर्दी का अहसास भी गुरुवार की सर्दी ने दिला दिया है। मौसम का रुख रात से ही गड़बड़ दिखाई पड़ रहा था। सुबह दिन की शुरुआत घनघोर कोहरे के साथ हुई। सुबह पांच बजे तक तो दस मीटर दूर का भी दिखाई नहीं पड़ रहा था। इसके चक्कर में सुबह के वक्त वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। सुबह को जाने वाले वाहन देरी से और लाइट जलाकर रेंग रेंग कर निकले। शहर के बाहर तो कोहरे की स्थिति और भी अधिक खराब थी। यहां पर वाहनों की रफ्तार और भी कम हो गई। बहुत से लोगों ने कोहरे के चक्कर में देरी से बाहर जाने का मूड बनाया। वहीं शहर में सर्दी का असर साफ दिखाई पड़ रहा था। मुख्य मार्गो पर दस बजे के बाद से ही सन्नाटे जैसी स्थिति दिखी। बाजार में रोजाना की तरह गहमा गहमी गायब थी। दुकानदार भी सर्दी में प्रतिष्ठान पर तो बैठे मगर ग्राहक उनके पास तक नहीं फटके। स्थिति यह रही कि दुकानदारों ने भी अलाव का अथवा हीटर का सहारा लिया। सर्दी का ही असर हैं कि सुबह के वक्त लोगों ने टहलना कम किया। वहीं बुजुर्ग और बच्चे बाहर निकलने से कतराए। मौसम जानकारों का कहना है कि तापमान में और गिरावट आएगी। कोहरा भी घना छाएगा। वहीं लोहिया अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को भी बड़ी दिक्कतों के बीच रात काटने पर मजबूर होना पड़ रहा है ।