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चेतावनी बिंदु की ओर बढ़ रहा गंगा का जलस्तर

पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रो में मानसून प्रबल होने के बाद गंगा के जलस्तर में भी बढ़ोत्तरी होने लगी है। रविवार को गंगा का जलस्तर 136.15 मीटर पर पहुंच गया। जो कि चेतावनी बिंदु से से 45 सेमी ही नीचे है। बाधों से पानी की मात्रा में इजाफा होता रहा तो गंगा के जलस्तर में और भी बढ़ोत्तरी हो जाएगी। दोपहर बाद से गंगा के निकटवर्ती गांवों की ओर से पानी का दबाव बढ़ गया। इससे तटीय इलाकों में खलबली मची है।

रविवार को गंगानदी की जलस्तर बढ़कर 136.15 मीटर पर आ गया। जबकि रामगंगा नदी का जलस्तर अभी गेज पर नहीं है। नरौरा बांध से गंगा नदी में सुबह 1 लाख 34 हजार 260 क्यूसेक पानी पास किया गया। जबकि हरिद्वार बांध से 80706 बिजनौर बांध से 122452 क्यूसेक पानी भेजा गया है। जबकि हरेली बैराज सेे 61980, खो से 42996, और रामनगर से 2086 क्यूसेक पानी पास किया गया है। जिस तरह से गंगा और रामगंगा में विभिन्न बैराजों से पानी भेजा जा रहा है। उससे सोमवार को रामगंगा नदी के जलस्तर में भी इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है। गंगा में जो पानी भेजा गया है, वह सोमवार को सुबह तक यहां आ सकता है। इससे तटीय इलाकों के लोगों की नंीद उड़ी है। इलाके में पहले से गंगा तेजी से प्रभावित होकर कटान कर रही हैं। गंगापार, कंपिल और शमसाबाद के तटीय इलाकों के 50 से अधिक गांवों में लोगो की दहशत बढ़ गई है। जिला प्रशासन की ओर से गंावों की ओर पानी का रुख होने के बाद भी सतर्कता नहीं बढ़ाई गई है।

हर साल बर्बाद हो रहे ग्रामीण

गंगापार और शमशाबाद तराई के लोगों का दुर्भाग्य है कि हर साल बाढ़ की विभीषिका को उन्हें भुगतना पड़ रहा है। हजारों लोग इस दैवीय प्रकोप से बर्वाद हो चुके हैं। तटीय गांवों के लोगों की विपदा के मारे लोगों की जीवन स्तर को सुधारने के लिए भी किसीभी तरह से मदद नहीं मिल पा रही है।

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  • Web Title: Ganga water level moving towards the warning point