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फर्रुखाबाद कन्नौजगंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर ठहरा

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजPublished By: Newswrap
Sat, 08 Aug 2020 07:15 PM
गंगा नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर ठहरा

बांधों से छोड़े जा रहे पानी से नदियों के जलस्तर में किसी प्रकार की कमंी नहीं दर्ज की जा रही है। गंगानदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु पर ही ठहर गया है तो वहीं रामगंगा नदी के जलस्तर में मामूली कमीं आई है। दोनों नदियों के उफान में आने से लोग दहशत में हैं। गंगापार और तराई इलाके के लोगों की नींद उड़ी हुई है। जिस तरीके से पानी छोड़ा जा रहा है उससे आने वाले समय में तटीय इलाकों के लोगों को घर छोड़ने को मजबूर होना पड़ेगा। जिला प्रशासन की ओर से अभी तक ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक सक्रियता भी नहीं दिखाई जा रही है। शुक्रवार को गंगा नदी का जलस्तर शाम को 136.55 मीटर पर रहा जो कि चेतावनी बिंदु से पांच सेंटीमीटर ही कम है तो वहीं रामगंगा नदी के जलस्तर में पांच सेंटीमीटर की कमीं आई है। इस नदी का जलस्तर 134.60 मीटर पर दर्ज किया गया है। नरौरा बांध से गंगानदी में शाम को 55982, हरिद्वार से 44358, बिजनौर से 36376 क्यूसेक पानी पास किया गया है। रामगंगा नदी में हरेली, खो और रामनगर बैराज से 1942 क्यूसेक पानी पास किया गया है। दोनों नदियों में यह पानी बीस घंटे के भीतर यहां आने की संभावना है। नदियां लगातार कटान कर रही हैं। कटान से लोगों में दहशत है कि लोग अपनी फसल को भी नहीं बचा पा रहे हैं। उनकी जमीन कटान की चपेट में आ रही है। गंगापार के पूर्वी क्षेत्र के अलावा पश्चिमी क्षेत्र में लोग इस कदर भयभीत हैं कि वे रात में सो भी नहंी पा रहे हैं। पहले से ही फसल को गंवा चुके लोग चितिंत हैं कि कहीं उनके मकान कटान की जद में न आ जाएं। इसी वजह से उन्होंने सामान समेटकर रख दिया है। कई गांव में तो लोग अपने मकान की ईंटें सुरक्षित निकालने में लग गए हैं। सबसे अधिक दिक्कत उन क्षेत्रों में है जहां पर बाढ़ का पानी भरा है। निकलने में भी दिक्कत आ रही है। संपर्क मार्ग भी डूबे हुए हैं। आवागमन बाधित चल रहा है। कई क्षेत्रों में नावों की डिमांड की गई है मगर नावें अभी तक मुहैया नहंी कराई गईं हैं।

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