Farrukhabad Kannauj News: गंगा के मुहाने पर बसे चार पक्के मकानों को खतरा
Farrukhabad Kannauj News: समेचीपुर चितार में गंगा कहर बरपा रही है। चार पक्के मकानों को खतरा है। ग्रामीणों में दहशत है। कटान रोकने के प्रयास असफल रहे हैं। गंगा खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गई है। नरौरा, हरिद्वार और बिजनौर बांधों से पानी की मात्रा में कमी आई है। इससे राहत मिलने की उम्मीद है।

Farrukhabad Kannauj News: शमसाबाद, संवाददाता। समेचीपुर चितार में गंगा कहर बरपा रही हैं। मुहाने पर बसे चार और पक्के मकानों को खतरा पैदा हो गया है। यह किसी भी समय गंगा में समा सकते हैं। इससे ग्रामीणों में दहशत है। कटान रोकने को जो परकोपाइन लगायी गयी थी उससे भी कोई भला नहीं हो सका। बल्कि परकोपाइन भी कटान की जद में आ गयी। तराई क्षेत्र में गंगा कहर बरपा रही हैं। कटान दहशत मचाये है। शनिवार को सुबह तेज कटान से एक साथ चार पक्के मकान प्रभावित होने लगे। शाहबान और अरमान के पक्के मकान के साथ प्रमिला बानो, सोहेल के मकान भी कटान की जद में आ गये हैं। स्थानीय ग्रामीण अकबन का कहना है कि कटान रोकने के लिए सिंचाई विभाग ने गांव के सामने जो परकोपाइन लगायी थी उससे भी कटान नहीं रुक रहा है। सिंचाई विभाग के जेई सुखवंत सिंह ने बताया कि कटान बेहतर तेज है जिससे गांव के अंतिम हिस्से में परकोपाइन के कुछ हिस्से प्रभावित हुए हैं। करीब 350 पिलर ट्रैक्टर से भेजे जा चुके हैं। जिन्हें कटान वाले स्थानों पर लगाया जा रहा है। 80 परकोपाइन और भेजे गये है। पानी अधिक होने की वजह से परकोपाइन का अधिकांश हिस्सा पानी के अंदर है.
खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे गंगा
तराई इलाकों में कहर ढा रही गंगा अब खतरे के निशान से 15 सेंटीमीटर नीचे पहुंच गईं हैं। शाम को जलस्तर 136.95 मीटर पर रहा जो कि चेतावनी बिंदु से 35 सेंटीमीटर ऊपर है। नरौरा, हरिद्वार और बिजनौर बांधों से जो अब तक पानी की मात्रा भेजी जा रही थी उसमें कुछ कमी आई है। इससे राहत मिलने की संभावना है। रामगंगा का जलस्तर 135.75 मीटर पर आ गया है जो कि चेतावनी बिंदु से काफी नीचे है। गंगा और रामगंगा का जलस्तर कम होने और बांधों से पानी की मात्रा में कमी आने से प्रभावित क्षेत्रों को राहत मिलने की संभावना है। हरेली, खो, रामनगर बैराज से जो पानी पास किया गया उसकी कोई मात्रा अधिक नहीं है।


