किसानों ने गेहूं क्रय केंद्रों से बनाई दूरी, मंडी में बेच रहे फसल
Farrukhabad-kannauj News - शमसाबाद में गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार धीमी है। 30 मार्च को खरीद शुरू होने के बावजूद किसान गेहूं नहीं ला रहे हैं, क्योंकि सरकारी प्रक्रिया में समय लगता है। किसान बाजार में तुरंत अच्छा रेट और भुगतान पा रहे हैं। कई केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे हैं, जिससे सन्नाटा छाया है।

शमसाबाद, संवाददाता। गेहूं क्रय केंद्रों पर खरीद की रफ्तार नहीं तेज हो पा रही है। 30 मार्च को भले ही खरीद का शुभारंभ हो चुका है। इसके बाद भी अभी तक क्षेत्र के कई केंद्रों पर किसान गेहूं लेकर नहीं पहुंच रहे हैं। इसके पीछे किसानों का कहना है कि सरकारी स्तर पर गेहूं बेचने के लिए तमाम तरह से कागजी खानापूर्ति करनी पड़ती है। दूसरी तरफ बाजार में तुरंत ही अच्छे रेट पर बिक्री हो जाती है और भुगतान भी तुरंत हो जाता है। बुधवार को क्षेत्र के क्रय केंद्रों पर पड़ताल की गयी तो यहां कई केंद्रों पर सन्नाटा दिखायी पड़ा।
मंडी समिति के क्रय केंद्र पर प्रभारी अनुराग पांडेय मौजूद थे। इस केंद्र पर गुटैटी दक्षिण के रमेश चंद्र 70 कुंतल, राधेश्याम 35 कुंतल और अनिल कुमार 65 कुंतल गेहूं बेचने को लाये थे। केंद्र प्रभारी ने किसानों की तौल करायी और बताया कि गेहूं की बिक्री के लिए 1000 खाली बोरे मौजूद हैं। इस केंद्र पर 30 मार्च के बाद पहली बार किसान गेहूं लेकर पहुंचे। चिलसरा के क्रय केंद्र पर अभी तक बोहनी तक नहंी हुयी है। जबकि यहां पर पर्याप्त मात्रा में वारदाना उपलब्ध है। केंद्र प्रभारी बालिस्टर सिंह ने बताया कि अभी किसान नहीं आ रहे हैं। अमलैया आशानंद के क्रय केंद्र पर वारदाना मौजूद होने के बाद भी किसान नहंीं पहुंच रहे हैं। नेटवर्क की समस्या भी आ रही है। क्षेत्रीय किसानों ने बताया कि बाजार में गेहूं बेचने में किसी तरह की समस्या नहीं आती है। जबकि सरकारी स्तर पर गेहूं बेचने के लए तमाम तरह की कागजी खानापूरी करने में काफी समय बर्बाद हो जाता है।
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