
रोजगार के साथ ही गांव के विकास को भी मिलेगी रफ्तार
Farrukhabad-kannauj News - फर्रुखाबाद में विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन लागू किया गया है। मनरेगा का नाम बदलकर योजना में चार श्रेणियों के तहत काम किया जाएगा। मजदूरी में देरी होने पर मुआवजा मिलेगा। 69 हजार जॉब कार्ड धारकों के लिए 125 दिन की रोजगार गारंटी और जल सुरक्षा कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।
फर्रुखाबाद, संवाददाता। विकसित भारत रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) वीबीरामजी अधिनियम से जनपद मं रोजगार के साथ ही गांव के विकास के रास्ते खुलेंगे। मनरेगा का नाम बदलकर जो योजना लागू की गयी है उसमें चार प्रमुख श्रेणियों में काम कराये जाने के प्राविधान किए गए हैं। मजदूरी में यदि देरी होती है तो ऐसे में प्रत्येक देरी वाले दिन का मुआवजा भी दिया जायेगा। जनपद के सातो ब्लाकों में 69 हजार एक्टिव जाब कार्ड धारक हैं। जाब कार्ड धारकों को सौ दिन के रोजगार की गारंटी होने के बाद भी स्थिति में बदलाव नही दिख रहा था।
पिछले एक वर्ष में तो मनरेगा की हालत जनपद में काफी खराब हो गयी थी। बढ़पुर, मोहम्मदाबाद, नवाबगंज जनपद के ऐसे ब्लाक हैं जहां पर मजदूरों को काम भी नहीं मिल पा रहा है। मंगलवार के ही आंकड़ों पर गौर करें तो जनपद के सातो ब्लाकों में कुल 6166 मजदूरों को ही काम मिला। इसमें बढ़पुर ब्लाक में 41, कायमगंज में 880, कमालगंज में 1433, मोहम्मदाबाद में 924, नवाबगंज में 145, राजेपुर में 1036, शमसाबाद में 1707 श्रमिकों को काम मिला। मनरेगा में मिट्टी के कार्यो में सबसे अधिक रुचि दिखायी जा रही है। कई ब्लाकों में चकरोड पर मिट्टी कार्य ही कराये जा रहे हैं। अब जबकि नाम में बदलाव हुआ है तो यह मजदूरों के बीच नए रूप में होगी। हालांकि मनरेगा में मजदूरी ज्यादा नही है। 252 रुपये मजदूरी दी जा रही है। वीबीजीरामजी अधिनियम के प्रभावी होने के बाद जहां रोजगार की गारंटी बढ़कर 125 दिन की गयी है उससे मेहनतकश मजदूरों को पहले की अपेक्षा अधिक काम मिलेगा और यदि काम मांगने पर भी काम न मिले तो उसे बेरोजगार भत्ता स्वत: ही मिलेगा। जल सुरक्षा जैसे कार्यो को दी जाएगी अहमियत फर्रुखाबाद। इस अधिनियम में चार श्रेणियों में कार्य की बाध्यता सुनिश्चित की गयी है। जल सुरक्षा और संरक्षण कार्यो को प्राथमिकता दी गयी है। इसके अलावा ग्रामीण अवसंरचना से जुड़े कार्यो, आजीविका संवर्धन, जलवायु परिवर्तन से निपटने वाले कार्य भी आधार होंगे। जो कि ग्रामीण विकास को सशक्त करने का काम करेंगे। क्या कहते हैं जिम्मेदार अधिनियम में जो प्राविधान किए गए हैं उससे ग्रामीण विकास और तेजी के साथ हो सकेगा। मेहनतकश ग्रामीणों को इसका लाभ मिलेगा। - कपिल कुमार, प्रभारी डिप्टी कमिश्नर मनरेगा।

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