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आशाओं व निजी अस्पतालों की सांठगांठ पर डीएम सख्त

आशाओं और निजी अस्पतालों की सांठगांठ पर डीएम ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। यदि कोई भी आशा गर्भवती महिला को निजी अस्पताल ले जाती है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए।

कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में जानकारी दी गई कि संस्थागत प्रसव का प्रतिशत दिन पर दिन कम होता जा रहा है। आशा प्रसव को गर्भवती महिलाओं को प्राइवेट अस्पतालों में ले जा रही हैं। इस पर डीएम मोनिका रानी ने एमओआईसी को हिदायत दी कि ऐसी आशा/एएनएम जो कि मरीजों को प्रसव को प्राइवेट अस्पतालों में ले जाती है या जिनकी कार्य प्रगति ठीक नहीं है। उनकी पूर्ण रिपोर्ट एक सप्ताह के अन्दर प्रस्तुत करें। जेएसवाई कार्यक्रम में सीएचसी कमालगंज, कायमगंज व लोहिया अस्पताल महिला में लाभार्थियों का भुगतान प्रतिशत कम पाया गया। उनकी सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएम ने कहा कि कईबार ब्लाक स्तर से शिकायतें आती है कि रात में सीएचसी में मरीज पहुॅचने पर उनकों मौके पर स्वास्थ्य सेवा न उपलब्ध करा कर मरीज को तत्काल जिला अस्पताल को रेफर कर देते हैं। सीएमओ को जांच के निर्देश दिए। सुरक्षा व्यवस्था को समस्त सीएचसी पर होमगार्ड तैनात करने व सीसीटीवी कैमरा लगाने को प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए।

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  • Web Title: DM Hard on the Negotiations of Ashes and Private Hospitals