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जिंदगी चुनिए, तंबाकू छोड़िए

जिंदगी चुनिए, तंबाकु छोड़िए। लोगों में तंबाकू खाने की लत गंभीर समस्याओं में प्रमुख है। युवा पीढ़ी इस जाल में बुरी तरह फंसती जा रही है। बीड़ी, सिगरेट के अलावा तंबाकू के छोटे छोटे पाउचों से लेकर तेज मादक पदार्थो तक की आसान उपलब्धता इस आदत को बढ़ाने का प्रमुख कारण है। ऐसे में सेहत से खिलवाड़ हो रहा है। 31 मई को तंबाकू निषेध दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस पर तंबाकू, धूम्रपान और ऐसे ही नशीले पदार्थो के सवन से होने वाली हानियों और खतरों से जनसमुदाय को अवगत कराकर इसके उत्पादन एंव सेवन को कम करने की दिशा में आधारभूत कार्रवाई करने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को तंबाकू मुक्त और स्वस्थ बनाने के लिए तथा सभी स्वास्थ्य खतरों से बचाने के लिए तंबाकू चबाने या धूम्रपान के द्वारा होने वाली सभी परेशानियों और स्वास्थ्य जटिलताओं से लोगों क ो आसानी से जागरूक करने के लिए इस दिवस की महत्वपूर्ण भूमिा के। डाक्टर राममनोहर लोहिया के सीएमएस डाक्टर बीबी पुष्कर ने बताया कि धूम्रपान एवं तंबाकू की गलत आदत को स्टेटस सिंबल मानकर अक्सर नवयुवक अपनाते हैं और दूसरों के सामने दिखाते हैं। धूम्रपान एक लत है जिससे जब तक व्यक्ति दूर रहता है तब तक तो ठीक रहता है लेकिन एक बार यदि इसे शुरू कर दिया तो इंसान को इस नशे मे मजा आने लगता है। उन्होंने कहा कि तंबाकू एवं धूम्रपान हर दृष्टि से हानिकारक व जानलेवा हैं। इससे रक्तचाप में वृद्धि होती है। रक्तवाहिनियों में रक्त का थक्का बन जाता है। ऐसे लोगों में मृत्यु दा दो से तीन गुना अधिक पाई जाती है। धूम्रपान से क्षय रोग होता है। उन्होंने कहा कि यदि कोई गर्भवती महिला धूम्रपान करती है तो या तो शिशु की मृ़त्यु भी हो सकती है या पिुर कोई विक्रति उत्पन्न हो सकती है। इसलिए गर्भावस्था के दौरान माता पिता दोनों को स्मोकिंग से दूर रहना चाहिए। तंबाकू निषेघ दिवस मनाने से नशा मुक्ति की सशक्त स्थिति तोपैदा नकी जा सकती है पर नशे के प्राणघातक परिणामों के प्रति ध्यान आकर्षित जरूर किया जा सकता है।

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  • Web Title: Choose life, quit tobacco