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12 जुलाई, 2020|2:11|IST

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सूर्य की तपिश में कोरोना के विनाश को कर रहे जप

सूर्य की तपिश में कोरोना के विनाश को कर रहे जप

कोरोना जैसी महामारी की व्यापकता को देखते हुए अब जप-तप का भी सहारा लिया जाने लगा है। शहर के बालाजी पुरम में महंत राकेश गौड़ ने तो कोरोना के विनाश करने को अनूठी साधना शुरू कर दी है।

सूर्य की तपिश के बीच खुले में उन्होंने अग्नि साधना प्रारंभ की है। महंत की साधना को देखकर श्रद्धालु आश्चर्यचकित हैं। क्योंकि वह जिस मौसम के तापमान के बीच साधना कर रहे हैं उसमें श्रद्धालु देा मिनट भी मौके पर नहंी ठहर सकते हैं। देश में कोरोना अपने व्यापक रूप में पहुंच रही है। इस महामारी में संभवत: कोई भी क्षेत्र अछूता नहीं बचा है। अपने जिले में भी कोरोना पॉजिटिव मरीजों की संख्या 25 पहुंच चुकी है। बालाजी संत के नाम से विख्यात राकेश गौड़ समय समय पर अपनी विशेष प्रकार की साधना के नाम से जाने जाते हैं। उन्होंेन पिछले 22 दिन से सूर्य साधना शुरू की। इसका विराम होते ही अग्नि साधना प्रारंभ कर दी है। सूर्य साधना में महंत सूर्य की किरणों के ठीक सामने खुले मैदान में साधना में लीन रहते हैं। उनके इस जप को लोग दूर से देख रहे हैं। रविवार को उन्होंने अग्नि साधना शुरू की। अग्नि प्रज्जवलित करने के बाद सूर्य की तपिश के बीच यह साधना प्रारंभ की गई है। यह अग्निसाधना एक सप्ताह तक चलेगी। साधना के दौरान महंत विभिन्न प्रकार के जप में लीन रहते हैं। आस पास श्रद्धालुओं को भी न आने के निर्देश दिए गए हैं। महंत ने बताया कि अग्नि सूर्य साधना के माध्यम से दिव्य सूर्य तरंगों से कोरोना वायरस समाप्त होकर रहेगा। उन्होंने यह भी बताया कि जून के अंत तक महामारी का प्रकोप कम हो जाएगा।

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  • Web Title:Chanting the destruction of the corona in the heat of the sun