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नहरें और बंबा खुद प्यासे फसलों की सिंचाई को लाले

फर्रुखाबाद, संवाददाता जिले में सिंचाई के सरकारी संसाधनो में एक बघार नहर और एक...

नहरें और बंबा खुद प्यासे फसलों की सिंचाई को लाले
हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजWed, 15 May 2024 12:30 AM
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फर्रुखाबाद, संवाददाता

जिले में सिंचाई के सरकारी संसाधनो में एक बघार नहर और एक बंबा नहर है। लेकिन दोनो नहरें सूखी पड़ी है इसलिए किसानों को फसलों की महंगी सिंचाई के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इससे खेतों की कमाई अब महंगी सिंचाई और लागत में समाती जा रही है। भीषण गर्मी और तपिश के बीच फसलों में अधिक सिंचाई की जरूरत पड़ रही है। ऐसे में सरकारी संसाधन हांफ रहे हैं। जिले का बघार नहर और बंबा नहर सूखी पड़ी है। जिसकी वजह से इसके आसपास होने वाली खेती प्रभावित हो रही है। जिसकी वजह से समय रहते फसलों को सिंचाई नहीं हो पा रही है। सरकारी संसाधन फेल होने के कारण किसानों की फसलें सूख रही हैं। किसान निजी नलकूपो से महंगी सिंचाई करने के लिए मजबूर हो रहे हैं। किसानों का कहना है अगर बघार नहर और बंबा नहर में पानी छोड़ा जाए तो किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। लेकिन गर्मी के समय नहर और बंबा सूखे पड़े हैं। जिसके कारण किसान फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं। जिसकी वजह से किसान परेशान हैं। किसानों का कहना है कि बघार और बंबा नहर इसलिए खुदवाए गए थे कि इनमें पानी आता रहे और किसान फसलों की सिंचाई कर सके। लेकिन जरूरत होने पर कभी भी दिनो नहरों में पानी नहीं छोड़ा जाता है। नहरों में मई जून में अगर पानी छोड़ा जाए तो किसानो के लिए बड़ी राहत हो सकती है। इसके साथ इलाके का वाटर लेवर भी ठीक रह सकता है लेकिन इस ओर जिम्मेदार ध्यान नही देते है। किसान राहुल सिंह, शहर सिंह, ओमपाल, देवेंद्र सिंह ने बताया जरूरत पर बघार और बंबा नहर में कभी पानी नहीं आता है। इसलिए फसलों को समय से पानी नहीं मिल पाता है मजबूरन नलकूपों से महंगी सिंचाई करना पड़ती है।

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