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चुनाव हारने के बाद सपा में बगावतियों पर प्रदेश नेतृत्व की निगाह

हिन्दुस्तान टीम,फर्रुखाबाद कन्नौजNewswrap
Sun, 04 Jul 2021 11:21 PM
चुनाव हारने के बाद सपा में बगावतियों पर प्रदेश नेतृत्व की निगाह

फर्रुखाबाद। संवाददाता

चुनावी गणित माफिक होने के बाद भी समाजवादी पार्टी को अपनो ने ही अंतिम समय में धोखा दे दिया। इसमें ऐसे भी लोग थे जिन पर आंख मूंदकर नेतृत्व विश्वास कर रहा था। अब ऐसे बगावती नेताओं पर नेतृत्व की निगाह टेढ़ी हो गई है। जिला संगठन और मार्गदर्शन मंडल की रिपोर्ट इस पूरे राजनैतिक घटनाक्रम में अहम होगी। नेतृत्व भी लगातार संगठनात्मक स्तर से ऐसे बगावती नेताओं का पूरा विवरण और उनकी भूमिका को जान रहा है। इसके बाद अब ऐसे बगावती नेताओं के खिलाफ एक्शन लिया जा सकता है।

जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी के पक्ष में चुनावी गणित उस समय हो गया था जब उसके 15 सदस्य जीतकर आए थे। जबकि भाजपा के पास चुनाव का कोई गणित भी नहंी था सिर्फ चार सदस्य ही जीते थे। ऐेसे में भाजपा ने जो दांव खेला उससे समाजवादी पार्टी छिन्न भिन्न सी हो गई। पार्टी के जो सदस्य थे वह भी हाथ से खिसक गए। सत्तारुढ़ दल ने मौके का फायदा उठाते हुए खिन्न चल रहे पार्टी के एक गुट में सेंधमारी की और अपना समर्थन देकर जिला पंचायत अध्यक्ष बनवा दिया। पार्टी में जो अंर्तकलह पिछले आठ-दस वर्षो से चल रही है वह खाई नहीं पटी और आखिरकार समाजवादी पार्टी को इस चुनाव में मुंह की खानी पड़ी। पार्टी ने यहां से पूर्व ब्लाक प्रमुख सुबोध यादव को चुनाव मैदान में उतारा था। सुबोध यादव गुट के लोगों की माने तो गणित उनके फेवर में था। बाद में जिस तरीके से प्रेशर बनाया गया उससे सदस्य खिसक गए। अब पार्टी की जिला पंचायत अध्यक्ष कें चुनाव में हार के बाद नेतृत्व हर स्तर से समीक्षा कर रहा है। इस चुनाव में पार्टी के किन किन जिम्मेदारों ने अपनी भूमिका निर्वहन की है ऐसे बागी नेताओं को चिन्हित करने का काम शुरू कर दिया गया है। बागी नेताओं का पूरा चिट्ठा प्रदेशीय नेतृत्व के पास पहुंच गया है। अब नेतृत्व इस पूरे मामले में काफी संवेदनशील है। क्योंकि आने वाले समय में विधानसभा चुनाव हैं और इस चुनाव में पूरे तेवरों के साथ पार्टी चुनाव लड़ेगी। अनुशासनहीन कार्यकर्ताओं पर पहले ही शिकंजा कसा जाए। इसमें नेतृत्व किसी प्रकार से छूट देने के मूड में नहीं है। सूत्रों की माने तो यहां के एक वरिष्ठ नेता की भूमिका को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व को पूरी जानकारी दी गई है। साथ ही उनके कई समर्थकों का भी चिट्ठा भेजा गया है।

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