ओमवीर राठौर हत्यकांड की एडीजी ने शुरू करायी गोपनीय जांच, महकमे में हड़कंप

Apr 06, 2026 11:09 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, फर्रुखाबाद कन्नौज
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Farrukhabad-kannauj News - फर्रुखाबाद के अमृतपुर थाने के गूजरपुर पमारान में ओमवीर राठौर हत्याकांड में एडीजी ने गोपनीय जांच शुरू की है। मृतक के परिवार ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाया है। ओमवीर 20 जुलाई 2025 को गायब हुए थे और उनकी मौत का खुलासा आठ महीने बाद हुआ। एडीजी टीम ने परिवार के बयान लिए हैं।

ओमवीर राठौर हत्यकांड की एडीजी ने शुरू करायी गोपनीय जांच, महकमे में हड़कंप

फर्रुखाबाद, संवाददाता। अमृतपुर थाने के गूजरपुर पमारान के चर्चित ओमवीर राठौर हत्याकांड में अब एडीजी ने अपने स्तर से गोपनीय जांच शुरू करायी है। इससे पुलिस महकमें में हड़कंप मच गया है। एडीजी मुख्यालय से पहुंची टीम ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में पहुंचकर परिवार वालों के बयान लिये। मृतक के भाई ने बताया कि एडीजी ने जो टीम भेजी थी उसे पूरी बात बतायी गयी है। गूजरपुर पमारान के निवासी ओमवीर 20 जुलाई 2025 को गायब हो गये थे। उन्हें रामू और उनके सहयोगियों ने गायब कर दिया था। इस पूरे मामले में शुरुआत से ही तत्कालीन थानाध्यक्ष मोनू शाक्य और तत्कालीन विवेचक रवि सोलंकी की भूमिका संदिग्ध रही थी।

ओमवीर के गायब होने की सूचना देने पर पुलिस ने तस्करा जीडी दर्ज कर अपना पल्ला झाड़ लिया था। जब पीड़ित उच्चाधिकारियों से मिले तो पुलिस ने अपहरण में मामला दर्ज किया था। पूर्व एसओ की ही घोर लापरवाही का ही नतीजा रहा कि ओमवीर की मौत का खुलासा करीब आठ माह बाद हुआ। इस पूरे मामले में संदेह के घेरे में रहीं तत्कालीन थानाध्यक्ष पर महकमे की विशेष कृपा रही और उन्हें विवादों के घेरे में होने के बाद भी महिला थानाध्यक्ष का चार्ज दे दिया गया। जब पुलिस इस पूरे मामले में लपेटें में आयी तो आनन फानन में तत्कालीन थानाध्यक्ष मोनू शाक्य और तत्कालीन विवेचक को निंलबित किया गया था। सोमवार को यहां पहुंची एडीजी की टीम ने एसपी कार्यालय मे पहुंचकर परिवार वालों के बयान लिये। परिवार वाले पहले से ही एसपी कार्यालय में पहुंच गये थे। टीम में दो दरोगा, एक दीवान एक सिपाही भी थे। एडीजी के स्तर से जो गोपनीय जांच करायी जा रही है उसमें शामिल पुलिस कर्मियों ने कोई भी जानकारी देने से इन्कार किया। हालंकि मृतक के भाई राजवीर ने बताया कि टीम को हमने पूरी जानकारी दी दी है। इनसेटशिकायत करते थक चुके थे पीड़ितफर्रुखाबाद।ओमवीर हत्याकांड में उसकी पत्नी ने न जाने कितनी बार पुलिस अधिकारियों की चौखट पर फरियाद लगायी मगर उसी कोई सुनवाई नहीं हुयी। तत्कालीन थानाध्यक्ष ने तो ओमवीर की पत्नी धरमशीला से सीधे मुंह बात तक नहीं की थी। जबकि तत्कालीन थानाध्यक्ष को पूरा मामला संज्ञान में था। पीड़ित धर्मशीला का कहना था कि जब एडीजी से शिकायत की गयी तो उन्हें इंसाफ मिला और उनके पति का पता लगाया गया। यदि एडीजी इस मामले में सख्त रुख नहीं अपनाते तो उनके पति की मौत का राज दफन ही रहता। धरमशीला का कहना है कि जो पति की मौत के जिम्मेदार हैं उन सभी के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई होनी चाहिए। उधर मोदी राठौर युवा सेना के प्रदेश अध्यक्ष कुंअरपाल सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया जिसमें उन्होंने कहा कि ओमवीर हत्याकांड में जो आरोपित फरार चल रहे हैं उन्हें गिरफ्तार किया जाये और धरमशीला व उनके परिजनों को आर्थिक सहायता और एक व्यक्ति को सरकारी नौकरी दी जाए।लापरवाही पर तत्कालीन अमृतपुर एसओ और पूर्व विवेचक पर गिर चुकी है निलंबन की गाज एडीजी कार्यालय से आयी टीम ने परिवार वालों के लिये बयानफोटो 8परिचय फतेहगढ़ में पुिलस अधीक्षक से िशकायत करने पहुंचे ग्रामीण साथ में घर वाले । फोटो 9 परिचय कानपुर से जांच करने को पहुंची पुिलस की टीम ।

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