फार्मर रजिस्ट्री के बिना ये काम नहीं कर पाएंगे किसान, यूपी सरकार ने जारी कर दिए निर्देश
प्रमुख सचिव खाद्य ने आरएफसी और डिप्टी आरएमओ को पत्र भेज कर फार्मर आईडी वाले किसानों से ही गेहूं खरीदने का निर्देश दिया है। शासन के जारी आदेश में कहा गया है कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जांच के बाद ही उन्हें टोकन जारी किया जाए।

UP Farmer News: किसानों ने अगर अब तक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराई है तो फटाफट करा लें। वरना आपके कई काम लटक जाएंगे। शासन से इस संबंध में आदेश जारी कर दिए गए हैं। शासन के आदेश के अनुसार किसान अब बिना फार्मर रजिस्ट्री के सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं नहीं बेच पाएंगे। इसके लिए फार्मर रजिस्ट्री कराना होगा। इतना ही नहीं बिना फार्मर रजिस्ट्री के किसानों को सम्मान निधि का लाभ भी नहीं मिलेगा।
सूबे के प्रमुख सचिव खाद्य ने आरएफसी और डिप्टी आरएमओ को पत्र भेज कर फार्मर आईडी वाले किसानों से ही गेहूं खरीदने का निर्देश दिया है। शासन के जारी आदेश में कहा गया है कि किसानों की फार्मर रजिस्ट्री की जांच के बाद ही उन्हें टोकन जारी किया जाए। शासन के तमाम निर्देशों के बावजूद जिले के 80 हजार किसानों ने अबतक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है। इन किसानों का फार्मर रजिस्ट्री करने के लिए कृषि विभाग के साथ ही राजस्व विभाग और ग्राम पंचायत अधिकारी पंचायत भवनों पर कैंप भी लगा रहे है। इसके बावजूद बड़ी संख्या में किसान कैंप में फार्मर रजिस्ट्री कराने के लिए उपस्थित नहीं हो रहे है। शासन ने इसे गंभीरता से लेते हुए नया आदेश जारी किया है।
मिर्जापुर के 80 हजार किसानों ने नहीं कराई फार्मर रजिस्ट्री
प्रमुख सचिव खाद्य ने जारी आदेश में कहा है कि अब उन्हीं किसानों से गेहूं खरीदा जाए जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री कराया है। शासन के इस आदेश से मिर्जापुर के 80 हजार किसान अब सरकारी क्रयकेंद्रों पर गेहूं नहीं बेंच सकेंगे। इन किसानों ने अबतक फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है। संभागीय खाद्य नियंत्रक आरबी प्रसाद का कहना है कि ऐसे किसान तत्काल फार्मर रजिस्ट्री करा लें, तभी वे सरकारी क्रय केंद्रों पर अपना गेहूं बेच सकेंगे। उर्वरक भी नहीं मिलेगीउप निदेशक कृषि विकेश पटेल का कहना है कि जायद के सीजन में उर्वरक उन्हीं किसानों को दिया जाएगा जिन्होने फार्मर रजिस्ट्री कराया है। जिन किसानों ने फार्मर रजिस्ट्री नहीं कराया है, उन्हें सहकारी समितियों से उर्वरक नहीं मिल पायेगा।
बिना फार्मर रजिस्ट्री के नहीं मिलेगी सम्मान निधि
पीएम किसान सम्मान निधि योजना के सभी लाभार्थियो को अगली किस्त का लाभ तभी मिलेगा जब उनकी फार्मर रजिस्ट्री बन जाएगी। प्रत्येक राजस्व गांव में इसके लिए कार्मिकों की डयूटी लगायी गयी है और इसका कार्य ग्राम पंचायत स्तर पर चल रहा है। उन्होंने कहा कि जिन कर्मचारियों की ओर से लापरवाही बरती गयी है उनके कार्यालयध्यक्षों को लापरवाही के निर्देश दिये गये हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।
पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


