मोनालिसा से शादी कर फरमान ने परिवार से खत्म किया रिश्ता, परिजन बोले-उसे घर में घुसने नहीं देंगे
महाकुंभ से वायरल हुई मोनालिसा से बागपत के फरमान नाम के युवक ने केरल में शादी कर ली। इसके बाद उसने परिवार से अपने रिश्ते खत्म कर लिए। इस पर फरमान के परिजनों नाराजगी जताते हुए कहा है कि उसे घर में घुसने नहीं देंगे।

UP News: महाकुंभ में अपनी आंखों के चलते वायरल हुई मोनालिसा एक बार फिर से सुर्खियों में है। केरल में मोनालिसा ने अपने बॉयफ्रेंड से एक मंदिर में शादी कर ली है, उसका बॉयफ्रेंड बागपत के पलड़ी गांव का रहने वाला फरमान खान है। इस शादी की खबर मिलते ही फरमान के परिजन भड़क गए हैं। परिजनों ने कहा कि मोनालिसा से शादी कर फरमान ने खुद हम लोगों से सारे रिश्ते खत्म कर लिए हैं, अब उसे घर में नहीं घुसने देंगे।
बताया जा रहा है कि मोनालिसा और फरमान करीब डेढ़ साल से एक दूसरे को जानते थे। शादी करने से पहले दोनों ने अपने परिजनों से इस बारे में बात की थी लेकिन दोनों के घर वाले तैयार नहीं थे। बताया जा रहा है कि जब परिवार ने इनकी शादी और रिश्ते का विरोध किया तो मोनालिसा और फरमान ने केरल के एक मंदिर में जाकर हिन्दू रीति-रिवाज से शादी कर ली।
फेसबुक से हुई रिश्ते की शुरुआत
बताया जा रहा है कि दोनों की बातचीत की शुरुआत करीब डेढ़ साल पहले फेसबुक से हुई। यहीं से इनकी दोस्ती की शुरुआत हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। फरमान के मुताबिक मोनालिसा ने ही उन्हें प्रपोज किया था। हालांकि उन्होंने शुरू में उनका प्रपोजल रिजेक्ट कर दिया था, लेकिन छह महीने बाद फिल्म में साथ काम करने के दौरान आखिरकार वह उन्हें डेट करने के लिए मान गए और फिर दोनों ने शादी करने का फैसला कर लिया।
सारे सपने तोड़ दिए, हम उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे
इस संबंध में फरमान के परिजनों का कहना है कि फरमान ने यह बहुत बड़ी गलती की है। फरमान के पिता जफर का कहना है कि मैं खुद बीमार हूं, हम उसकी शादी समाज में कराना चाहते थे लेकिन उसने परिवार के खिलाफ जाकर मोनालिसा से शादी कर ली। उसने परिवार वालों से कोई बात नहीं की, उसका फोन भी तभी से बन्द चल रहा है। उन्होंने कहा कि परिवार वालों को बस ये पता था कि मोनालिसा और फरमान एक साथ काम करते हैं और दोस्त हैं, लेकिन शादी करने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि अब हमारा उससे कोई रिश्ता नहीं है, हम उसे घर में भी नहीं घुसने देंगे। फरमान के पिता जाफर का कहना था कि परिवार वाले उसकी शादी की तैयारी कर रहे थे, लेकिन उसने सभी के सपनों पर पानी फेर दिया। उसने परिवार वालों को धोखा दिया, हम उसे कभी माफ नहीं करेंगे।
मणिपुर फाइल्स में साथ काम कर रहे हैं दोनों
पलड़ी के जनता इंटर कॉलेज से इंटर और बड़ौत के जनता वैदिक डिग्री कॉलेज से ग्रेजुशन करने के बाद फरमान दिल्ली चला गया था। फरमान बचपन से ही मॉडलिंग का शौक रखता था और फिल्मों में जाने की तैयारी भी उनसे शुरू कर दी थी। वह मोनालिसा के साथ मणीपुर फाइल्स फ़िल्म काम कर रहा हैं। फरमान के पिता जफर ने बताया कि चारों बेटों में फरमान को बचपन से ही नाटक का शौक था वह स्कूल कॉलेज में भी नाटकों में हिस्सा लेता था। थऐटर के लिए ही वह पढ़ाई के बाद दिल्ली चला गया फिर मुंबई से चेन्नई पहुंचा। अब मुंबई में अपना स्टूडियो चला रहा है, यहीं उसकी मुलाकात मोनालिसा से हुई लेकिन उसने शादी का गलत फैसला लिया है।
भाई बोले, कानूनन में दोनों बालिग तो शादी कर सकते हैं
फरमान के पिता जाफर की 12 बीघा जमीन है और वह खेती करते हैं, उसकी माता निसा गृहणी हैं। उसके तीन भाई हैं। फरमान के छोटे भाई समद एडवोकेट हैं, उनका कहना है फरमान ने परिवार वालों की रजामंदी के बगैर यह शादी की है, इसलिए परिवार आपत्ति कर रहा है, हालांकि कानून की नजर में दोनों बालिग हैं और शादी कर सकते हैं।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


