
टाटा, पतंजलि जैसे ब्रांड के नाम पर बिक रहा था नकली सामान, पुलिस की छापेमारी में लाखों का माल बरामद
गोरखपुर में नामी कंपनियों के नकली उत्पादों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। टाटा, पिडिलाइट, रेकिट और पतंजलि के ब्रांड के नाम का दुरुपयोग कर नकली सामान बाजार में खपाया जा रहा था। शिकायत पर पुलिस ने छापेमारी की। इस दौरान लाखों का नकली माल बरामद हुआ।
यूपी के गोरखपुर में नामी कंपनियों के नकली उत्पादों के अवैध कारोबार का बड़ा खुलासा हुआ है। टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज लिमिटेड, रेकिट बेंकाइजर (इंडिया) लिमिटेड और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड के ब्रांड के नाम का दुरुपयोग कर नकली सामान बाजार में खपाए जाने की शिकायत पर पुलिस ने कंपनी प्रतिनिधियों के साथ छापेमारी की। इस दौरान लाखों का नकली माल बरामद किया गया है।
स्पीड सर्च एंड सिक्योरिटी नेटवर्क प्राइवेट लिमिटेड के जांच अधिकारी शिवम गुप्ता ने गोरखनाथ थाने में लिखित शिकायत दी थी कि क्षेत्र में एक आपूर्तिकर्ता नामी कंपनियों के नकली उत्पादों को असली बताकर क्रय-विक्रय व सप्लाई कर रहा है। शिकायत पर पुलिस ने कंपनी की टीम के साथ ललितापुरम, राजेंद्र नगर कॉलोनी स्थित एक गोदाम पर छापा मारा। मौके पर पुराना गोरखपुर, विजयनगर निवासी दिनेश कुमार दासवानी मिला, जिसने खुद को गोदाम का संचालक बताया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
तलाशी के दौरान भारी मात्रा में नकली उत्पाद बरामद किए गए। पुलिस और कंपनी प्रतिनिधियों ने प्रत्येक ब्रांड के नमूने जांच के लिए अलग किए, जबकि शेष नकली माल को 16 बोरियों में भरकर सील कर दिया। तुलना के लिए कंपनियों द्वारा उपलब्ध कराए गए असली उत्पादों को भी अलग से सील कर कब्जे में लिया गया है। बरामदगी के आधार पर गोदाम संचालक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
ये नकली उत्पाद हुए बरामद
टाटा टी अग्नि (43.75 ग्राम) 240 पैकेट, टाटा प्रीमियम टी (250 ग्राम) 25 पैकेट, फेविक्विक 17,977 पाउच, हार्पिक (250 एमएल) 500 बोतलें, हार्पिक (500 एमएल) 95 बोतलें, हार्पिक (1000 एमएल) 41 बोतलें, पतंजलि दंत कांति टूथपेस्ट (100 ग्राम) 420 ट्यूब।
फूड वेंडिंग के लाइसेंस पर खोला रेस्टोरेंट,नोटिस
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सोमवार को शहर के हरीश चौक, जाफरा बाजार स्थित शिवांजलि स्वीट्स एंड बेकर्स पर छापा मारकर जांच की। यहां फूड वेंडिंग के लाइसेंस पर स्वीट्स एंड रेस्टोरेंट संचालित होते हुए मिला। साथ ही मिठाई बनाने की जगह पर स्वच्छता का अभाव मिला। खाद्य सुरक्षा विभाग ने दुकान संचालक को नोटिस भेजकर जवाब मांगा है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने बताया कि फूड वेंडिंग के लाइसेंस पर पूड़ी, कचौड़ी आदि ही बनाकर बेचना चाहिए, जबकि रेस्टोरेंट में सुविधाएं अलग होती हैं। मौके पर बनी हुई मिठाइयों पर एक्स्पायर होने का स्टीकर नहीं पाया गया, जबकि रखरखाव का तरीका भी सही नहीं था। सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा डॉ. सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि स्वीट्स एवं रेस्टोरेंट संचालक को नोटिस दिया गया है।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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