अलीगढ़ में 7.70 लाख की फेक करेंसी जब्त; गैंग का सरगना 2 बार जा चुका जेल, दिल्ली में जाली नोट खपाते थे
अलीगढ़ में पुलिस ने 7.70 लाख की फेक करेंसी जब्त की है। गैंग का सरगना पिछले साल दो बार नोटों की तस्करी में ही जेल जा चुका है। बाहर आकर फिर से यही धंधा शुरू कर दिया था। ये लोग पश्चिम बंगाल के मालदा के रास्ते बांग्लादेश से 70 प्रतिशत मुनाफे में नोट लाते थे। नोटों को दिल्ली में खपाया जा रहा था।

अलीगढ़ के गोरई थाना पुलिस ने बुधवार को नकली नोटों की तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए चार लोगों को दबोच लिया। ये लोग दिल्ली और कासगंज के रहने वाले हैं। इनके पास से 7.70 लाख रुपये की नकली करेंसी बरामद हुई है। सरगना पिछले साल दो बार नोटों की तस्करी में ही जेल जा चुका है। बाहर आकर फिर से यही धंधा शुरू कर दिया। ये लोग पश्चिम बंगाल के मालदा के रास्ते बांग्लादेश से 70 प्रतिशत मुनाफे में नोट लाते थे। अधिकतर नोटों को दिल्ली में खपाया जा रहा था।
फेक करेंसी गैंग का सरगना गिरफ्तार
एसपी देहात मनीष कुमार मिश्र ने पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि थाना गोरई पुलिस व क्रिमिनल इंटेलीजेंस विंग (देहात) की संयुक्त टीमों ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले गैंग के सरगना भुजपुरा निवासी जिकरुल हसन को गिरफ्तार किया। जिकरुल मूलरूप से कासगंज के थाना गंजडुंडवारा क्षेत्र के गणेशपुर का रहने वाला है। पूछताछ में आरोपी ने अपने तीन अन्य साथियों के नाम बताए। इस पर टीम ने तीनों आरोपियों को दिल्ली के ख्याला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। इनके नाम नई दिल्ली के रघुवीर नगर ख्याला निवासी वसीम, कासगंज के थाना शाहबर क्षेत्र के गांव सेवनपुर निवासी आसिफ व नई दिल्ली के विश्नूपुरा ख्याला निवासी फरमान हैं। इनके पास से डेढ़ लाख रुपये बरामद किए गए। गिरफ्तारी व बरामदगी के संबंध में मुकदमा दर्ज करते हुए चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया।
जनसेवा केंद्र पर नकली नोट चलाता पकड़ा गया था
पुलिस अब नोट उपलब्ध कराने वालों की तलाश में जुट गई है। जिकरुल हसन पर अलीगढ़ के अलावा उत्तराखंड के जिला पिथौरागढ़ में कुल चार मुकदमे दर्ज हैं। इसी तरह वसीम व आसिफ पर भी दो-दो मुकदमे दर्ज हैं। अक्टूबर 2025 में जिकरुल देहलीगेट क्षेत्र में एक जनसेवा केंद्र पर नकली नोट चलाते हुए पकड़ा गया था। यह गिरोह पश्चिमी बंगाल के रास्ते से नोट लाता है। 3 लाख रुपये के बदले 10 लाख रुपये के नकली नोट लेते हैं।
दिल्ली में खपाते थे नकली नोटों की खेप
इससे पहले 23 मार्च को भी रोरावर थाना पुलिस ने जिकरुल समेत तीन लोगों को नकली नोट चलाने में गिरफ्तार करके जेल भेजा था। वसीम व आसिफ भी पूर्व में जेल जा चुके हैं। अलीगढ़ में गिरफ्तारी होने पर पुलिस के सक्रिय होने के बाद आरोपियों ने यहां नोट खपाना बंद कर दिया। फिलहाल ये लोग दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में नोट चला रहे थे। इनमें मंडियां, पेट्रोल टंकी, बाजार जैसी जगहों पर नोट चला रहे थे।
असली जैसे दिखते थे नकली नोट
आरोपियों से बरामद हुए नोट फेक करेंसी हैं। ये नोट हूबहू असली की तरह दिखते हैं। दुकानदार भी इन्हें आसानी से पहचान नहीं सकते। पुलिस के अनुसार एक ही सीरीज के कई नोट शामिल हैं। इनमें गवर्नर के हस्ताक्षर भी असली नोट के समान हैं।
कृपया अपने अनुभव को रेट करें


