नौकरी डॉट कॉम और OLX के जरिए ठगी, यूपी में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 2 महिला समेत 7 गिरफ्तार
बागपत की साइबर सेल ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़ किया है। साथ ही दो महिलाओं समेत सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग नौकरी डॉट कॉम और OLX के जरिए युवाओं से ठगी करता था।

बागपत की साइबर सेल ने नौकरी दिलाने के नाम पर ऑनलाइन ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा करते हुए दो महिलाओं समेत सात अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। यह गैंग चार स्थानों पर कॉल सेंटर चलाकर फर्जी इंटरव्यू आयोजित कर लोगों को नौकरी का झांसा देते थे और फिर उनसे ऑनलाइन ठगी करते थे। पुलिस ने गिरफ्तार अभियुक्तों के पास से ठगी में इस्तेमाल होने वाले भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और अहम दस्तावेज बरामद किए हैं।
भारत सरकार के प्रतिबिंब पोर्टल पर जिले के दो मोबाइल नंबरों से साइबर ठगी होने की शिकायत साइबर सेल को मिली तो जांच में साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ। रविवार सुबह साइबर सेल ने ईस्टर्न पेरीफेरल एक्सप्रेस वे पर मवीकलां के पास से गैंग के सरगना दिल्ली निवासी अनुज के साथ नोएडा की रहने वाली शिवानी, आशा, मोहित, पुनीत और बागपत निवासी वरदान और अक्षय को गिरफ्तार किया।
पूछताछ में सातों आरोपियों ने बड़ौत, नोएडा, दिल्ली और मुजफ्फरनगर में कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगार युवाओं से ठगी करना स्वीकार किया। गिरोह के सदस्यों ने बताया कि वे ऑनलाइन साइट नौकरी डॉट कॉम और ओएलएक्स पर फर्जी विज्ञापन अपलोड कर देते थे। इसके बाद नौकरी के इच्छुक युवाओं की जानकारी मिलने के बाद उन्हें फोन कर संपर्क करते और फिर ऑनलाइन इंटरव्यू लेने से लेकर नियुक्ति पत्र भेजने की प्रक्रिया की जाती थी।
इस प्रक्रिया में युवाओं से 20 से 25 हजार रुपये मंगवा लिए जाते थे। बाद में युवाओं का फोन ब्लैकलिस्ट कर देते थे। एसपी सूरज कुमार राय का कहना है कि ठगों के पास से 6450 युवाओं को भेजे गए नौकरी लगने के नियुक्ति पत्र बरामद किए गए है। इनमें से 20 युवाओं से ठगी होने की पुष्टि हुई है।
स्क्रीप्ट लिखी डायरी मिली
एसपी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के पास से एक डायरी बरामद हुई है। जिसमें लोगों से किस तरह बात करनी है। उन्हें किस तरह से अपने झांसे में लेना है, सभी बातें लिखी हुई है।
कोरोनाकाल में खोले गए थे कॉल सेंटर
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि पूछताछ में पता चला कि गिरोह का सरगना अनुज है, जो साल 2018 में बागपत और दिल्ली से जेल जा चुका है। कोरोना काल में अनुज ने कॉल सेंटर खोलकर अन्य युवकों को अपने साथ जोड़ा। पिछले छह साल से चल रहे कॉल सेंटर से युवाओं को नौकरी का झांसा देकर फंसाया गया।
नोएडा के सेक्टर 62 में चल रहा था मुख्य कॉल सेंटर
एसपी सूरज कुमार राय ने बताया कि यह गैंग चार स्थानों पर कॉल सेंटर चला रहा था। यह सेंटर बड़ौत, मुजफ्फरनगर, दिल्ली और नोएडा के सेक्टर 62 में संचालित हो रहे थे। नोएडा में संचालित कॉल सेंटर इस गैंग का मुख्य कॉल सेंटर था।

लेखक के बारे में
Pawan Kumar Sharmaपवन कुमार शर्मा पिछले चार वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े हैं। डिजिटल मीडिया में काम करते हुए वह उत्तर प्रदेश की राजनीति, क्राइम, सरकारी योजनाओं और टूरिज्म से जुड़े मुद्दों पर नियमित रूप से लिखते हैं। इससे पहले पवन एबीपी न्यूज के साथ बतौर फ्रीलांसर काम कर चुके हैं। पवन ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से रेडियो एवं टेलीविजन पत्रकारिता की पढ़ाई की है। इससे पहले क्राइस्ट चर्च कॉलेज, कानपुर से राजनीति विज्ञान में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। ग्राउंड रिपोर्टिंग और अकादमिक समझ के साथ पवन तथ्यात्मक, संतुलित और पाठक-केंद्रित समाचार लेखन करते हैं।
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