असली दूल्हे को ठग ले गई फर्जी दुल्हन, पुलिस बनकर आए गिरोह ने की लूटपाट, सात गिरफ्तार
जाल में फंसाकर राजस्थान के परिवार के युवक की फर्जी शादी कराकर और पुलिस बनकर तीन लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने गिरोह में शामिल हरियाणा के बिचौलिया, चिलुआताल थाने के हिस्ट्रीशीटर और मुख्य आरोपी सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया।

Gorakhpur News: यूपी के गोरखपुर में लुटेरी दुल्हन गिरोह का का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। जाल में फंसाकर राजस्थान के परिवार के युवक की फर्जी शादी कराकर और पुलिस बनकर तीन लाख रुपये की लूट के मामले में पुलिस ने गिरोह में शामिल हरियाणा के बिचौलिया, चिलुआताल थाने के हिस्ट्रीशीटर और मुख्य आरोपी सहित सात लोगों को गिरफ्तार कर लिया। लुटेरी दुल्हन और उसकी फर्जी बहन की तलाश में पुलिस टीमें लगी हैं। आरोपियों को शनिवार को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेजा गया।
एसपी नार्थ ज्ञानेंद्र व सीओ कैंपियरगंज अनुराग सिंह ने पुलिस लाइन में संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस कर गिरोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजस्थान के कोटा के मुकेश मीणा अपने भाई ब्रह्ममोहन मीणा की शादी खोज रहे थे। इस सिलसिले में उनकी मुलाकात हरियाणा के रहने वाले राजू शर्मा से हो गई। उसने गोरखपुर की तीन लड़कियों के फोटो भेजे और एक फोटो पंसद आने पर शादी तय करा दी। राजू 12 मार्च को राजस्थान के परिवार को लेकर गोरखपुर आया। यहां हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह के घर पर कथित मौसी शैला देवी शादी के लिए एक लड़की को लेकर आई और जयमाल करा दिया गया।
दरोगा बनकर आया था हिस्ट्रीशीटर
जयमाल होते ही हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह दरोगा बनकर अपने तीन लोगों को सिपाही और होमागर्ड बताते हुए पहुंच गया। फर्जी आईकार्ड दिखाया और सबको अर्दब में लेने लगा। उसने पूरे परिवार को गलत तरीके से शादी करने की धमकी देकर बंधक बना लिया और फिर जेल भेजने की धमकी देते हुए रुपयों की मांग की। मुकेश ने फोन कर अपनी पत्नी को घटना की जानकारी दी और पैसे की मांग की। इसके बाद रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए। जांच में पता चला कि शैला 20 हजार रुपये लेकर फर्जी मौसी बनी थी तो बहन बनी युवती ने 15 हजार रुपये लिए थे। गत 13 मार्च को हुई इस घटना में पीड़ित परिवार ने राजस्थान के कोटा शहर में जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी, जहां से केस चिलुआताल थाने में ट्रांसफर किया गया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके पास से 1.66 लाख 600 रुपये नकद, दो पुलिस का कूटरचित पहचान पत्र बरामद किया।
इनकी हुई गिरफ्तारी
चिलुआताल थाना क्षेत्र के उसका निवासी हिस्ट्रीशीटर अंकुर सिंह, हरियाणा के फरीदाबाद के थाना ओल्ड निवासी राजू शर्मा, वर्तमान में महेसरा, कुड़वा गांव निवासी धीरेंद्र यादव उर्फ टुनटुन, बड़ा सोनबरसा निवासी रवि चौधरी, मोहरीपुर निवासी मुन्ना जायसवाल, कुड़वा निवासी नवमी शर्मा, विलंतपुर खत्ता निवासी शैला देवी को गिरफ्तार किया गया है। दो आरोपी वांछित हैं, जिलमें लुटेरी दुल्हन एम्स इलाके में किराये पर रहती थी और एक युवती उसकी बहन बनी थी।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो
उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने
करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


