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प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भरता का मार्ग, बढ़ सकती देश की ताकत- के.सी पटनायक

कुमारगंज, संवाददाता। दीक्षांत समारोह के मुख्यअतिथि कृषि सहकारिता एवं कृषक कल्याण भारत सरकार के...

प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भरता का मार्ग, बढ़ सकती देश की ताकत- के.सी पटनायक
हिन्दुस्तान टीम,फैजाबादFri, 01 Dec 2023 12:05 AM
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कुमारगंज, संवाददाता। दीक्षांत समारोह के मुख्यअतिथि कृषि सहकारिता एवं कृषक कल्याण भारत सरकार के पूर्व सचिव के. सी पटनायक ने कहा कि स्थापना के बाद से कृषि विश्वविद्यालय ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कृषि विकास को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उच्च शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा बहुत तीव्र गति से बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं के सर्वांगीण विकास के लिए गुणवत्तायुक्त शिक्षा देने की जरूरत है। नई शैक्षिक नीति गुणवत्ता, समानता और सामर्थ्य पर केंद्रित है। एनआईआरएफ की शुरुआत का उद्देश्य प्रतिस्पर्धा के माध्यम से शैक्षणिक उत्कृष्टता को बढ़ावा देना है। इसके लिए सभी को कड़ी मेहनत करनी होगी।

उन्होंने कहा कि आज प्राकृतिक खेती आत्मनिर्भरता का मार्ग है और ये हमारे देश की ताकत को बढ़ा सकती है और इससे उर्वरक की लागत कम हो सकती है। किसानों को बड़े पैमाने पर प्राकृतिक एवं जैविक खेती करने की जरूरत है और इसके लिए दूसरों को भी उत्साहित करने की जरूरत है। प्राकृतिक खेती करके किसान अपनी आय को दोगुणा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि श्रीअन्न देश के छोटे किसानों के लिए समृद्धि का द्वार है। बाजरे के उत्पादों की बिक्री में भी लगभग 30 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। एक जिला-एक उत्पाद के तहत देश के 19 जिलों में बाजरा का भी चयन किया गया है जो सराहना योग्य है। आधुनिक युग में कृषि शिक्षा को पुनर्गठित करने पर जोर दिया जिससे कि छात्र आवश्यक ज्ञान व कौशल प्राप्त कर सकें। मुख्यअतिथि ने कहा कि आज के समय में छात्र- छात्राओं को नौकरी के लिए कार्य नहीं बल्कि दूसरों को रोजगार देने के लिए कार्य करना होगा। वर्तमान समय में हमें विज्ञान को समाज से जोड़ने की जरूरत है। एक वैज्ञानिक दृष्टिकोण और नवाचारों की आवश्यकता है जो कृषि के क्षेत्र में लचीलापन ला सके। उन्होंने कहा कि 2030 तक हमें बढ़ती जनसंख्या की मांगों को पूरा करने के लिए 70 प्रतिशत अधिक भोजन की आवश्यकता होगी। हमारे देश में 30 प्रतिशत गरीबी और कुपोषण जैसी समस्या पल रही है जिससे हम सभी को मिलकर निपटना होगा। उन्होंने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए पदक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि कृषि अनुसंधान के क्षेत्र में कई प्रजातियों को विकसित करना सराहनी कार्य किया है।

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