
अयोध्या में बारिश पर आस्था भारी, 14 कोसी परिक्रमा में लाखों श्रद्धालुओं का हुजूम
यूपी के अयोध्या में बारिश पर आस्था भारी पड़ी। बारिश के बीच जय श्रीराम के उद्घोष कर साथ श्रद्धालुओं का हुजूम निकला। लाखों-लाख श्रद्धालु बारिश के बीच परिक्रमा मार्ग पर हैं।
रामनगरी अयोध्या में बारिश पर आस्था भारी पड़ रही है। अयोध्या में शुरू हुई 14 कोसी परिक्रमा में लाखों-लाखों श्रद्धालु हिस्सा ले रहे हैं। आधी रात के बाद जय श्रीराम के उद्घोष के साथ श्रद्धालुओं ने 14 कोसी परिक्रमा शुरू की। मुहूर्त से पहले परिक्रमार्थियों ने परिक्रमा शुरू कर दी। अयोध्या, दर्शन नगर, भीखापुर, देवकाली, जनौरा, नाका हनुमानगढ़ी, मौदहा ,सिविल लाइन स्थित हनुमान मंदिर, सहादतगंज, अफीम कोठी, आदि स्थान से श्रद्धालुओं ने परिक्रमा शुरू की।

श्रद्धालुओं के लिए हेल्प डेस्क, चिकित्सा शिविर, जल प्याऊ, आदि सुविधाएं मौजूद हैं। सुबह ब्रह्म मुहूर्त में 4:51 पर परिक्रमा शुभारंभ होने का मुहूर्त था। परिक्रमा में सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सड़कों पर आईजी रेंज अयोध्या प्रवीण कुमार व एएसपी गौरव ग्रोवर, जिलाधिकारी निखिल टीकाराम फुडे स्वयं मोर्चा संभाल रहे हैं। परिक्रमा के प्रमुख रास्तों पर ड्रोन से निगाह रखी जा रही है। परिक्रमा मार्ग पर हर जगह सिर्फ श्रद्धालुओं की भीड़ ही नजर आ रही है। अयोध्या की ओर आने वाले सभी रास्तों पर पुलिस प्रशासन ने नाकेबंदी कर रखी है। ट्रैफिक को दूसरे रास्तों की ओर डायवर्ट कर दिया गया है।
श्रद्धालुओं ने राम मंदिर में दर्शन पूजन किया
परिक्रमा शुरू होने के पहले पूर्वांचल के विभिन्न जनपदों से विभिन्न माध्यमों ट्रेन, बस व निजी एवं प्राइवेट संसाधनों से यहां पहुंचे श्रद्धालुओं ने मां सरयू के पुण्य सलिल में डुबकी लगाई। इसके उपरांत नागेश्वर नाथ मंदिर व हनुमानगढ़ी एवं कनक भवन सहित राम मंदिर में दर्शन पूजन किया। इसके उपरांत अपने -अपने गुरुधामो में जाकर गुरुदेव का आशीर्वाद लिया। पुनः अपने संकल्प की पूर्ति के लिए रात्रि में निकल पड़े। नंगे पांव उमड़े श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। इस परिक्रमा में सभी आयु वर्ग के श्रद्धालु बाल-वृद्ध व सभी नर-नारी शामिल थे। इसके पहले परिक्रमा में उमड़ी भारी भीड़ को ध्यान में रखकर यातायात प्रतिबंधो को लागू कर दिया गया है। वहीं परिक्रमा पथ पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के लिए फोर्स को तैनात करने के साथ सीसीटीवी व ड्रोन कैमरे से निगरानी भी की जा रही है।
पूरे परिक्रमा पथ पर अलग-अलग शिविर
करीब 24 घंटे चलने वाली रामनगरी की 14 कोसी परिक्रमा में परम्परागत रूप से अलग-अलग संस्थाओं व स्वयंसेवी संगठनों की ओर से पूरे परिक्रमा पथ पर अलग-अलग शिविर लगाया गया है। इनमें नि: शुल्क जलपान, पूड़ी-सब्जी व दवाओं के अतिरिक्त विश्राम के लिए भी शिविर लगाए गए हैं।





