दिमाग में भ्रम पैदा कर रही भीषण गर्मी; इस बीमारी के बढ़ गए केस, डॉक्टर्स ने क्या बताया
कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 दिनों में ऐसे “कन्फ्यूजन केस” करीब 20 फीसदी तक बढ़े हैं। उन्हें डॉक्टर सीधे तौर पर हीट स्ट्रेस और ब्रेन की ऑक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी से जोड़ रहे हैं। पारा 40 डिग्री होते ही अब सिर्फ शरीर पर नहीं, दिमाग पर भी असर दिखने लगा है।

पारा 40 डिग्री पार होते ही अब असर सिर्फ शरीर पर नहीं, दिमाग पर दिखने लगा है। लोग बातें भूल रहे हैं, और ध्यान कुछ सेकेंड में भटक जा रहा है। कानपुर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज में पिछले 15 दिनों में ऐसे “कन्फ्यूजन केस” करीब 20 फीसदी तक बढ़े हैं। उन्हें डॉक्टर सीधे तौर पर हीट स्ट्रेस और ब्रेन की ऑक्सीजन सप्लाई में गड़बड़ी से जोड़ रहे हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, तेज गर्मी में शरीर तेजी से डिहाइड्रेट होने लगता है। पानी की कमी से खून गाढ़ा हो जाता है और उसका प्रवाह धीमा पड़ता है। ऐसे में दिमाग तक पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती, जिसका सीधा असर सोचने-समझने, याद रखने और निर्णय लेने की क्षमता पर पड़ता है। यही वजह है कि मरीजों में भ्रम, चिड़चिड़ापन और फोकस में भारी कमी देखी जा रही है।
भीषण गर्मी दिमाग में पैदा कर रही भ्रम
कोरियर कंपनी से जुड़े 34 वर्षीय युवक दिनभर बाहर काम करता है, उसे अचानक बातचीत के दौरान शब्द याद न रहने और फैसले लेने में देरी की समस्या हुई। जांच में डॉक्टरों ने इसे हीट स्ट्रेस और डिहाइड्रेशन का असर बताया। 30 वर्षीय महिला, जो ऑफिस आने-जाने में धूप का सामना करती है, उसे लगातार ध्यान भटकने और काम में गलती बढ़ने की शिकायत हुई। डॉक्टरों के अनुसार, तेज गर्मी के कारण ब्रेन फंक्शन पर पड़ रहे प्रभाव का परिणाम है।
सोडियम, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है
जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. मनीष सिंह बताते हैं पसीना निकलने से शरीर में सोडियम, पोटैशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ जाता है। ये तत्व दिमाग के न्यूरल सिग्नल्स को नियंत्रित करते हैं। इनकी कमी से दिमागी संदेशों की गति धीमी पड़ जाती है
अगले 48 घंटे तक गर्मी से राहत नहीं
आपको बता दें मई-जून जैसी तपिशभरी गर्मी का सामना कानपुरवालों ने अप्रैल में ही कर लिया है। अभी अगले 48 घंटों में किसी तरह की राहत की उम्मीद नहीं है। शनिवार को सीएसए कृषि विवि वेदर स्टेशन पर अधिकतम पारा 43 डिग्री पर पहुंच गया। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार 27 तक अभी हीट वेव से राहत नहीं मिलेगी। इसके बाद 28 से पहली मई तक आंधी-पानी की संभावना है।
कानपुर में पारा 43 डिग्री के पार
कानपुर के सीएसए वेदर सेंटर पर दिन का पारा 43 डिग्री पर रहा जो सामान्य से 4.2 डिग्री अधिक था। दिन ही नहीं रात भी बेहद गर्म रही। दिन में लू तो चली लेकिन इसकी गति बेहद कम रही। इसके बावजूद लोगों का राह चलना मुश्किल हो रहा था। दोपहर के समय स्थिति बेहद गंभीर रही। लगा जैसे आग बरस रही हो। शहर के ज्यादातर क्षेत्रों में सन्नाटा पसर गया। सबसे ज्यादा मुश्किल में बच्चे रहे जो लाल चेहरे लेकर घरों को लौटे। अप्रैल माह मौसमी उथल पुथल से भरा हुआ है।


