यूपी में भयंकर सर्दी, ठंडी हवाओं से 12 शहरों में कंपकंपी, मौसम विभाग ने बताया कब से मिलेगी राहत

Dinesh Rathour लखनऊ, प्रमुख संवाददाता
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मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

यूपी में भयंकर सर्दी, ठंडी हवाओं से 12 शहरों में कंपकंपी, मौसम विभाग ने बताया कब से मिलेगी राहत

यूपी में इन दिनों भयंकर सर्दी पड़ रही है। बर्फीली हवाओं का सितम और गहरा गया है। मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के कई हिस्सों में शीत दिवस जैसी स्थिति बनी हुई है, जहां दिन और रात के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। बीते 24 घंटों के दौरान 12 शहरों में सर्दी का असर ज्यादा रहा। मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि पश्चिमी विक्षोभ के असर थोड़ी राहत लेकर आ रहा है। शुक्रवार से लोगों को सर्दी से राहत मिलने की उम्मीद है। मौसम विभाग के अनुसार 9 जनवरी से दो दिन न्यूनतम और अधिकतम तापमान में हल्की बढ़ोतरी हो सकती है।

सोनभद्र का चुर्क इलाका प्रदेश में सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर 4.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। रात की ठंड के मामले में 5 प्रमुख शहर सबसे अधिक प्रभावित रहे, जिनमें चुर्क के साथ गोरखपुर और वाराणसी एयरपोर्ट (दोनों 4.8 डिग्री), सुलतानपुर (5.0 डिग्री) और फुरसतगंज (5.2 डिग्री) शामिल हैं। इसके अलावा अयोध्या में 5.5 और कानपुर शहर में 5.6 डिग्री न्यूनतम तापमान के साथ रातें बेहद सर्द रहीं। दिन की गलन ने लोगों को सबसे ज्यादा बेहाल किया है। धूप न निकलने और घने कोहरे के कारण 6 शहरों में अधिकतम तापमान सामान्य से बहुत नीचे गिर गया।

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यूपी में प्रयागराज सबसे ठंडा

प्रयागराज में प्रदेश का सबसे ठंडा दिन रहा, जहां पारा 11.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 10.5 डिग्री कम है। इसी तरह वाराणसी एयरपोर्ट पर दिन का तापमान 11.6 डिग्री रहा, जो सामान्य से 9.5 डिग्री नीचे है। हरदोई (13.5 डिग्री), इटावा व फतेहगढ़ (दोनों 14.0 डिग्री) और गाजीपुर (14.2 डिग्री) में भी दिन भर कड़ाके की गलन महसूस की गई। वाराणसी एयरपोर्ट क्षेत्र में रात का तापमान 4.8 और दिन का 11.6 डिग्री दर्ज किया गया। बहराइच और बाराबंकी जैसे तराई के इलाकों में भी रात का पारा 6.0 डिग्री के आसपास रहा, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित है।

वाराणसी, प्रयागराज और शाहजहांपुर में रिकॉर्ड सर्दी

मौसम विभाग के अनुसार प्रयागराज (11.4 डिग्री) और बाबतपुर वाराणसी (11.6 डिग्री) में गंभीर शीत दिवस के साथ जनवरी के प्रेक्षण इतिहास का पांचवां सबसे ठंडा दिन रहा। वहीं शाहजहांपुर में 11.2 डिग्री के साथ जनवरी के प्रेक्षण इतिहास का नौवां सबसे ठंडा दिन दर्ज किया गया। वाराणसी में इसके पूर्व 2024 की 25 जनवरी को 11.4 डिग्री तापमान रहा था। इसी तरह 2011 में सात जनवरी को 10.8, तीन जनवरी 2004 में 10.6 और 19 जनवरी 2003 को 9.8 डिग्री तापमान दर्ज किया गया था। वहीं, कोहरे की वजह से 18 विमान निरस्त और 10 को डायवर्ट किया गया। बाबतपुर एयरपोर्ट पर दिन में दो बजे के बाद पहला विमान उतरा। सुबह के वक्त दृश्यता शून्य रही। उधर, सेनानी, महाकाल, बनारस सुपरफास्ट के साथ ही राजधानी भी साढ़े छह घंटे लेट रही।

25 शहरों में कोहरे ने रफ्तार रोकी

मौसम विभाग के अनुसार बरेली (आईएएफ), प्रयागराज (आईएएफ), गोरखपुर (आईएएफ), वाराणसी और कानपुर (आईएएफ) में दृश्यता शून्य पहुंच गई। प्रयागराज, बरेली, झांसी, वाराणसी, बलिया, कानपुर सिटी, अलीगढ़ शाहजहांपुर, हमीरपुर और फतेहगढ़ में 15 से 40 मीटर दृश्यता रही। अयोध्या, फुरसतगंज, आज़मगढ़, चुर्क, अलीगढ़ और आगरा (आईएएफ) लखनऊ, बांदा में दृश्यता 50 से 100 मीटर के बीच दर्ज की गई जबकि गोरखपुर में 150 मीटर तक रही।

Dinesh Rathour

लेखक के बारे में

Dinesh Rathour

दिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका (डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और डिजिटल माध्यमों से पहचाना है।
लाइव हिन्दुस्तान की यूपी टीम में कार्यरत दिनेश दिनेश, खबरों के पीछे की राजनीति और सोशल मीडिया के ट्रेंड्स (वायरल वीडियो) को बारीकी से विश्लेषण करने के लिए जाने जाते हैं।

पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब एक साल तक काम किया। इसके बाद वह कानपुर में ही दैनिक जागरण से जुड़े। 2012 में मुरादाबाद हिंदुस्तान जब लांच हुआ तो उसका हिस्सा भी बने। करीब दो साल यहां नौकरी करने के बाद दिनेश राजस्थान पत्रिका से जुड़ गए। सीकर जिले में दिनेश ने करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी है।

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