यूपी में मंदिर निर्माण के लिए हो रही थी खुदाई, जमीन से निकल पड़ा 'खजाना', सोने की ईंटे भी मिलीं
ललितपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मंदिर निर्माण के लिए खुदाई हो रही थी। खुदाई के दौरान ही जमीन से कुछ चमकीली चीज दिखी। मिट्टी को जब पूरी तरह से साफ किया गया तो नजारा हैरान कर देने वाला था।

Lalitpur News: यूपी के ललितपुर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहां मंदिर निर्माण के लिए खुदाई हो रही थी। खुदाई के दौरान ही जमीन से कुछ चमकीली चीज दिखी। मिट्टी को जब पूरी तरह से साफ किया गया तो नजारा हैरान कर देने वाला था। देखते ही देखते जमीन से खजाना निकलने की खबर पूरे गांव में फैल गई। ग्रामीणों का कहना था कि जमीन से 16 सोने की ईंटें निकली हैं। इसके बाद पूजा-पाठ करके दोबारा से उसे जमीन में दबा दिया गया। हालांकि इस मामले में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और न ही प्रशासनिक अफसरों को इस संबंध में कोई जानकारी दी गई है। फिलहाल क्षेत्र में जमीन से खजाना मिलने की चर्चा जोरों पर है।
तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के ग्राम सुनौरी स्थित सवालखिया गौड़ बब्बा स्थान पर मंदिर निर्माण के दौरान खुदाई करवाई जा रही है। ग्रामीणों के अनुसार गुरुवार शाम करीब छह बजे मंदिर निर्माण के लिए पिलर की खुदाई के दौरान जेसीबी मशीन के पंजे में कपड़े से बंधी एक पीतल की पैली निकली। मौके पर मौजूद लोगों ने जब कपड़ा हटाकर देखा तो उसमें करीब 16 छोटी-छोटी सोने जैसी ईंटें रखी थीं।
पूजा-पाठ के बाद वापस जमीन में दबा दी गईं ईंटें
बताया जाता है कि ईंटों को साफ कर गौड़ बाबा के समक्ष रखकर विधि-विधान से पूजन किया गया।फिर बाद में उनको उसी स्थान पर पुन: गहराई में दबा दिया गया। लेकिन, रात में रहस्यमय तरीके से ईंटें गायब होने की बात सामने आई। जब ग्रामीण दोबारा मौके पर पहुंचे तो ईंटें नदारद थीं, जिससे ग्रामीणों में खलबली मची हुई है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि ईंटों पर ‘6965’ अंकित था। वहीं, मौके पर एक कथित तांत्रिक के मौजूद होने की भी चर्चा है, जिससे मामले को लेकर तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। फिलहाल, यह पूरा मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
फिरोजाबाद के खेत से निकला था चांदी के सिक्कों से भरा मटका
पांच महीने पहले फिरोजाबाद जिले के जसराना में भट्ठे के लिए मिट्टी की खुदाई के लिए शिवप्रताप के खेत में जेसीबी चल रही थी। खुदाई करते वक्त अचानक जेसीबी के सामने आ गई थी। जेसीबी से जब मटकी को उठाने का प्रयास किया तो मटकी फूट गई थी। मटकी फूटते ही उसमें से काफी सिक्के बाहर बिखर गए। जेसीबी चालक द्वारा बताए जाने पर आसपास से ग्रामीण एवं बच्चे भी पहुंच गए थे। सिक्कों को पाने के लिए उनमें छीना झपटी भी शुरू हो गई थी। खबर मिलने पर खेत मालिक भी पहुंच गए थे।
लेखक के बारे में
Dinesh Rathourदिनेश राठौर वर्तमान में 'लाइव हिन्दुस्तान' में डिप्टी चीफ कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं। डिजिटल और प्रिंट
पत्रकारिता में 13 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले दिनेश ने अपने करियर की शुरुआत 2010 में हरदोई से की थी। कानपुर
यूनिवर्सिटी से स्नातक दिनेश ने अपने सफर में हिन्दुस्तान (कानपुर, बरेली, मुरादाबाद), दैनिक जागरण और राजस्थान पत्रिका
(डिजिटल) जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाई हैं। हरदोई की गलियों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर
आज डिजिटल मीडिया के शिखर तक पहुँच चुका है। दिनेश राठौर ने यूपी और राजस्थान के विभिन्न शहरों की नब्ज को प्रिंट और
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पत्रकारिता का सफर
हरदोई ब्यूरो से करिअर की शुरुआत करने के बाद दिनेश ने कानपुर हिंदुस्तान से जुड़े। यहां बतौर स्ट्रिंगर डेस्क पर करीब
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करीब तीन साल तक पत्रकारिता की। उन्होंने एक साल तक डिजिटल का काम भी किया। 2017 में दिनेश ने बरेली हिंदुस्तान में
प्रिंट के डेस्क पर वापसी की। लगभग दो साल की सेवाओं के बाद डिजिटल हिंदुस्तान में काम करने का मौका मिला जिसका सफर जारी
है।


