यूजीसी पर भागवत बोले- कानून सभी को मानना चाहिए, नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर उठाना होगा

Feb 17, 2026 10:31 pm ISTDeep Pandey लखनऊ, हिन्दुस्तान
share

RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुओं को भी अपनी जनसंख्या बढ़ाने की जरूरत है। हिंदू परिवार के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। यूजीसी से जुड़े सवाल पर कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर ऊपर उठाना पड़ेगा।

यूजीसी पर भागवत बोले- कानून सभी को मानना चाहिए, नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर उठाना होगा

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि हिंदुओं को भी अपनी जनसंख्या बढ़ाने की जरूरत है। हिंदू परिवार के कम से कम तीन बच्चे होने चाहिए। उन्होंने हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता भी जताई। लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगाने की बात कही। उन्होंने कहा कि घर वापसी का काम तेज होना चाहिए। यूजीसी से जुड़े सवाल पर कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर ऊपर उठाना पड़ेगा।

दो दिनी प्रवास पर मंगलवार को लखनऊ पहुंचे सर संघचालक ने ये बातें मंगलवार को निराला नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर के माधव सभागार में सामाजिक सद्भाव बैठक में कहीं। डॉ. भागवत ने कहा कि अभी जनसंख्या दर 2.1 है। यह कम से तीन होनी चाहिए। परिवार के वरिष्ठों को सलाह दी कि अब जो बच्चे विवाह कर रहे हैं, उन्हें बताएं कि वह कम से कम तीन बच्चे पैदा करें। तथ्यों का हवाला देते हुए कहा कि जिस समाज में औसतन तीन से कम बच्चे होते हैं, वह भविष्य में समाप्त हो जाता है। भागवत ने कहा कि विवाह का उद्देश्य सृष्टि आगे चले, यह होना चाहिए, वासना पूर्ति नहीं।

इसी भावना से कर्तव्य बोध आता है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज संगठित और सशक्त हो। यह बहुत जरूरी है। हिंदुओं को किसी से खतरा नहीं है। बस उन्हें सावधानी बरतनी चाहिए। हिंदुओं की घटती जनसंख्या पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि लालच और जबरदस्ती हो रहे मतांतरण पर रोक लगनी बहुत जरूरी है।

घर वापसी करें भारत के मुस्लिम

उन्होंने कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमान भी हिंदू ही हैं। वह किसी मुस्लिम देश से भारत में रहने नहीं आए हैं। घर वापसी का काम तेजी से होना चाहिए। यही नहीं जो भी लोग हिंदू धर्म में लौटे या लौटते हैं, हमें उनका भी ख्याल रखना होगा। बढ़ती घुसपैठ पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा कि घुसपैठियों को डिटेक्ट, डिलीट और डिपोर्ट करना होगा। उन्हें रोजगार नहीं देना है।

यूजीसी पर बोले जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर उठाना होगा

सर संघचालक मोहन भागवत ने यूजीसी से जुड़े एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि कानून सभी को मानना चाहिए। यदि कानून गलत है तो बदलने का उपाय भी है। जातियां झगड़े का कारण नहीं बननी चाहिए। समाज में अपनेपन का भाव होगा तो इस तरह की समस्या नहीं होंगी। जो नीचे गिरे हैं, उन्हें झुककर ऊपर उठाना पड़ेगा। सभी अपने हैं, यह भाव मन में होना चाहिए। संघर्ष से नहीं, समन्वय से दुनिया आगे बढ़ती है। एक को दबाकर दूसरे को खड़ा करने का भाव नहीं होना चाहिए।

सद्भाव बढ़ाने की जरूरत

उन्होंने कहा कि सद्भाव न रहने से भेदभाव होता है। हम सभी एक देश, एक मातृभूमि के पुत्र हैं। मनुष्य होने के नाते हम सब एक हैं। एक समय भेद नहीं था, लेकिन समय चक्र के चलते भेदभाव की आदत पड़ गई है, जिसे दूर करना होगा। उन्होंने कहा कि सनातन विचारधारा सद्भाव की विचारधारा है। जो विरोधी हैं, उन्हें मिटाना है, ऐसा हम नहीं मानते। एक ही सत्य सर्वत्र है। इस दर्शन को समझ कर आचरण में लाने से भेदभाव समाप्त होगा।

मातृशक्ति परिवार का आधार

सर संघचालक ने कहा कि घर-परिवार का आधार मातृशक्ति है। हमारी परंपरा में कमाई का अधिकार पुरुषों को था, लेकिन खर्च कैसे हो, यह माताएं तय करती थीं। मातृशक्ति विवाह के बाद दूसरे घर में आकर सभी को अपना बना लेती हैं। महिला को हमें अबला नहीं मानना है। वह असुर मर्दिनी हैं। हमने स्त्री की, प्रकृति की जो कल्पना की, वह बलशाली है। महिलाओं को आत्म संरक्षण का प्रशिक्षण होना चाहिए। पश्चिम में महिलाओं का स्तर पत्नी से है। हमारे यहां उन्हें माता माना जाता है। उनका सौंदर्य नहीं, वात्सल्य देखा जाता है।

विदेशी शक्तियों के प्रति चेताया

सर संघचालक ने कहा कि अमेरिका और चीन जैसे देशों में बैठे कुछ लोग हमारी सद्भावना के विरुद्ध योजना बना रहे हैं। इससे हमें सावधान रहना होगा। एक दूसरे के प्रति अविश्वास समाप्त करना होगा। एक दूसरे के दु:ख दर्द में शामिल होना होगा। उन्होंने आह्वान किया कि बस्ती स्तर पर सामाजिक सद्भाव से जुड़ी बैठकें नियमित होनी चाहिए। हम आपस में मिलेंगे तो गलतफहमियां दूर होंगी। इस प्रकार की बैठकों में रूढ़ियों से मुक्त होने पर चर्चा होनी चाहिए।

Deep Pandey

लेखक के बारे में

Deep Pandey

दीप नरायन पांडेय लाइव हिन्दुस्तान में पिछले आठ सालों से यूपी टीम में हैं। दीप का डिजिटल, टीवी और प्रिंट जर्नलिज्म में 15 साल से अधिक का अनुभव है। यूपी के लखनऊ और वाराणसी समेत कई जिलों में पत्रकारिता कर चुके हैं। यूपी की राजनीति के साथ क्राइम की खबरों पर अच्छी पकड़ है। सामाजिक, इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन, शिक्षा और हेल्थ पर भी लिखने का शौक है। मास कम्युनिकेशन में बीए और एमए हैं। सरल भाषा में खबरों को पाठकों तक पहुंचाते हैं। खबर लिखने के अलावा साहित्य पढ़ने-लिखने में भी रुचि रखते हैं।

और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, बॉलीवुड न्यूज , बिजनेस न्यूज , क्रिकेट न्यूज पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करे| पाएं Lucknow news , Prayagraj News , Varanasi News , Gorakhpur News , Kanpur News , Aligarh News से जुड़ी ताजा खबरें हिंदी में |